पाकिस्तानी अधिकारी की तस्वीर पर विवाद

अख़बार में छपा विज्ञापन
Image caption विज्ञापन में पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी की तस्वीर है.

भारत के एक प्रमुख अख़बार को दिए सरकारी विज्ञापन में पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ़ मार्शल की तस्वीर होने पर विवाद पैदा हो गया है.

हालाँकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को छपे इस विज्ञापन में गड़बड़ी मानते हुए माफ़ी माँगी है.

भ्रूण-हत्या के ख़िलाफ़ अपील करने वाला ये विज्ञापन महिला और बाल विकास मंत्रालय ने तैयार किया है. इस विज्ञापन में कई जानी-मानी हस्तियों की तस्वीरों के साथ पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ मार्शल तनवीर महमूद अहमद की तस्वीर भी छपी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ को मंत्रिमंडल से हटाने की माँग की है.

विज्ञापन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधऩ (यूपीए) की चेयरमैन सोनिया गांधी, भारत को 1983 में वर्ल्ड कप दिलाने वाली क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव, बल्लेबाज़ और मौजूदा क्रिकेट टीम के उप कप्तान वीरेंदर सहवाग, पद्म विभूषण से सम्मानित सरोद वादक उस्ताद अमजद अली ख़ान और उनके बेटों अमान और अयान अली बंगश के साथ पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी की तस्वीर छपी है.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में आम जनता से माफ़ी माँगी गई है. विज्ञप्ति में कहा गया है, "एक सरकारी विज्ञापन में एक विदेशी नागरिक की तस्वीर छपने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को खेद है और इसकी जाँच की जाएगी."

मंत्रालय का स्पष्टीकरण

इस विज्ञापन में जानी-मानी हस्तियों का उल्लेख देते हुए इन्हें जन्म देने वाली माँ की अहमियत के बारे में बताया गया है और गर्भ में बच्चियों को न मारने की अपील की गई है.

कृष्णा तीरथ ने विज्ञापन में छपी पाकिस्तानी अधिकारी की तस्वीर के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "इस विज्ञापन का मक़सद था बच्चियों की भ्रूण हत्या को रोकना, जो पूरा हो रहा है. तस्वीर को लेकर अगर कोई ग़लती हुई है तो हम जाँच करेंगे. हो सकता है ऐसा डिपार्टमेंट ऑफ ऐडवर्टाइज़िंग एंड पब्लिसिटी से हुआ हो."

तीरथ के मुताबिक़ तस्वीर में सेना की पोशाक होने की वजह से ग़लतफहमी पैदा हुई हो सकती है.

कृष्णा तीरथ के स्पष्टीकरण पर विपक्षी पार्टी भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने चिंता जताई है. रूडी ने कहा, "पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ़ मार्शल की तस्वीर को एक मंत्रालय के विज्ञापन में लगाए जाने का क्या उद्देशय है. क्या भारत के वायु सेना अध्यक्ष, थल सेना अध्यक्ष या नौसेना प्रमुख की तस्वीर यहाँ नहीं लगाई जा सकती थी."

सरकार की ओर से छपने वाले सभी विज्ञापन सरकारी एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ ऐडवर्टाइज़िंग एंड पब्लिसिटी यानी डीएवीपी के ज़रिए ही प्रकाशित किए जाते हैं.

मौजूदा व्यवस्था के तहत विज्ञापन में छापी जाने वाली सारी सामग्री डीएवीपी को संबंधित मंत्रालय देता है. डीएवीपी का काम प्रूफ़ के तौर पर विज्ञापन को देखना और फिर छपवाने का होता है.

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