रुचिका मामले में राठौर को ज़मानत

रुचिका के लिए अभियान
Image caption रुचिका के न्याय के लिए उसके शुभचिंतक अभियान छेड़े हुए हैं

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रुचिका गिरहोत्रा मामले में हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौर को अगली सुनवाई तक अग्रिम ज़मानत दे दी है.

न्यायालय ने ये फ़ैसला सोमवार को इस मामले में सुनवाई के बाद सुनाया.

दरअसल, राठौर के ख़िलाफ़ दो नए मामले दायर हुए हैं.

इन मामलों में राठौर ने अग्रिम ज़मानत के लिए पंचकूला की एक अदालत में याचिका दायर की थी जिसे ख़ारिज़ कर दिया गया था.

राठौर के पंचकूला अदालत के फ़ैसले के बाद उच्च न्यायालय में अपील की थी.

नए मामले

ये दो नए मामले कुछ ही समय पहले दायर किए गए हैं.

ये मामले रुचिका के भाई आशू की हत्या के प्रयास, ग़लत सबूत रखने और रुचिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से छेड़छाड़ करने के हैं.

इसके अलावा रुचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी एक और एफआईआर दर्ज़ की गई है लेकिन उस पर फिलहाल कार्रवाई शुरु नहीं हुई है.

राठौर की वकील आभा का कहना है कि ये सारे मामले मीडिया के दबाव में दायर किए गए हैं.

यह पूरा मामला 19 साल पुराना है जिसमें राठौर पर आरोप है कि उन्होंने रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उनके परिवार वालों को परेशान किया.

मामले के प्रकाश में आने के तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी.

इसी मामले में लंबी चली सुनवाई के बाद निचली अदालत ने राठौर को छह महीने की सज़ा सुनाई थी.

इस सज़ा के ख़िलाफ़ राठौर ने उच्च न्यायालय में अपील की थी.

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