ऑस्ट्रेलिया में चार भारतीयों पर हमला

Image caption इन हमलों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन होते रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर दो अलग अलग मामलों में चार भारतीयों पर हमला हुआ है. इनमें से तीन टैक्सी चालक हैं.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार, ``ब्रिसबेन में चार भारतीयों को निशाना बनाया गया. इनमें से तीन हमले टैक्सी ड्राइवरों पर हुए जिनमें से एक ने बताया कि कैसे उसे टैक्सी से बाहर घसीट कर घूंसा मारा गया.’’

एक अंदाज़ा है कि 70 प्रतिशत टैक्सी चालक भारतीय मूल के हैं और इन्हें ख़ासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है.

इस महीने में अब तक 10 भारतीय मूल के लोगों पर हमले हो चुके हैं.

चौथा हमला ब्रिसबेन में ही एक पिज्ज़ा डिलीवरी करने वाले 23 साल के लड़के पर हुआ. उसे क्रिकेट बैट से पीटा गया और फिर उसके पैसे छीन लिए गए.

आम धारणा यही है कि ये नस्लभेदी हमले हैं.

ब्रिसबेन स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में मौजूद अधिकारी एस डी सिंह ने कहा है कि उन्हें इन हमलों की जानकारी पुलिस की तरफ़ से दी गई और इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा, ``भारतीय उच्चायुक्त सुजाता सिंह ब्रिसबेन पहुंच रही हैं जहां वो भारतीय समुदाय के नेताओं और वहां की पुलिस से भी बातचीत करेंगी और ब्रिसबेन में पिछले दिनों ऐसे हमलों में आ रही तेज़ी पर बात करेंगी.’’

हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत को एक दस्तावेज़ सौंपा है जिसमें कहा गया है कि वहां भारतीयों पर हो रहे हमलों में ज़्यादातर 17-18 साल के लड़के शामिल हैं.

भारत की तरफ़ से बढ़ते दबाव के बाद ऑस्ट्रेलिया ने एक उच्चस्तरीय समिति का भी गठन किया है जो इन हमलों की जांच करेगी.

इन बढ़ते हमलों से भारत और ऑस्ट्रेलिया के आपसी रिश्तों में तनाव बढ़ने का ख़तरा है.

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