बीटी बैंगन पर मंत्री का घेराव

बैंगन
Image caption विरोधियों का तर्क है कि इससे बैंगन भी महंगा हो जाएगा

आनुवांशिक रूप से संवर्धित बीटी बैंगन के व्यावसायिक इस्तेमाल पर चल रहे विचार-विमर्श के क्रम में हैदराबाद पहुँचे वाणिज्य मंत्री जयराम रमेश को लोगों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा.

सरकार ने इस मामले पर फ़ैसला करने से पहले जगह-जगह लोगों से विचार-विमर्श करने का फ़ैसला किया था.

हालाँकि हैदराबाद में बीटी बैंगन का विरोध करने वालों के साथ-साथ इसके समर्थक भी मौजूद थे.

लेकिन स्वदेशी जागरण मंच और ऑल इंडिया किसान सभा के समर्थकों ने बैठक का घेराव किया और मांग की कि इस पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए.

उन्होंने कहा कि वे भाषण सुनने नहीं आए हैं. लेकिन बीटी बैंगन के पक्ष में भी कुछ लोग थे. उन्होंने मंत्री का बचाव किया और उन्हें बैंगन का हार भी पहनाया.

स्पष्टीकरण

बाद में पत्रकारों से बातचीत में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा, "विचार-विमर्श की कड़ी में छह फरवरी तक हम लोगों से बात करेंगे और 10 फरवरी तक सरकार इस पर आख़िरी फ़ैसला करने की स्थिति में होगी."

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अभी तक कोई फ़ैसला नहीं हुआ है और सबकी बातें सुनने के बाद ही वे कोई फ़ैसला करेंगे.

पिछले साल बायोटेक्नलॉजी इंजीनियरिंग अप्रवुल कमेटी ने बीटी बैंगन के खेती की अनुमति दे दी थी.

लेकिन इसके एक सदस्य ने आरोप लगाया था कि आवश्यक आज़माइश के बिना अनुमति मिली है. ये ख़तरनाक बात है. इसके बाद ही सार्वजनिक रूप से इस पर विचार-विमर्श हुआ है.

विचार-विमर्श के क्रम में जयराम रमेश को कोलकाता में भी विरोध का सामना करना पड़ा था. विरोधी कह रहे हैं बीटी बैंगन की अनुमति से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा.

इन लोगों का कहना है कि बैंगन जैसी आम ग़रीबों की चीजें महंगी होगी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का बीजों के बाज़ार पर नियंत्रण हो जाएगा.

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