बीएसएफ़ ने ग़लती स्वीकार की

कश्मीर में सुरक्षा बल का जवान
Image caption बीएसएफ़ ने यह नहीं बताया है कि गोली क्यों और किन परिस्थितियों में चलाई गई

भारत प्रशासित कश्मीर में अर्धसैनिक बल बॉर्डर सेक्युरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ़) ने स्वीकार किया है कि उसका एक जवान प्रथमदृष्टया एक 16 वर्षीय युवक की मौत के लिए ज़िम्मेदार है.

जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के ब्रेन इलाक़े में गत शुक्रवार को ज़ाहिद फ़ारुक़ की गोली लगने से मौत हो गई थी.

बीएसएफ़ के उपमहानिरीक्षक पीपीएस सिद्धू ने बुधवार को मीडिया को बताया कि फ़ायरिंग के आरोपों की अंदरूनी जाँच में प्रथमदृष्टया पाया गया है कि बीएसएफ़ का जवान लखविंदर सिंह इसमें शामिल हो सकता है.

लखविंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया है और आगे की जाँच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है.

अधिकारी ने यह विवरण देने से इनकार कर दिया कि किन परिस्थितियों में और क्यों उस युवक पर फ़ायरिंग की गई थी.

इससे पहले एक 13 वर्षीय बच्चे की भी मौत सुरक्षाबलों के आँसू गैस के गोले से हो गई थी.

उस मौत को लेकर कश्मीर घाटी में व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

इसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए श्रीनगर के पुराने इलाक़े में पाँच दिनों तक कर्फ़्यू लागू करना पड़ा था.

हस्तक्षेप

Image caption इससे पहले एक प्रदर्शन के दौरान एक बच्चे की मौत के विरोध में व्यापक प्रदर्शन हुए थे

ज़ाहिद फ़ारूक़ की मौत के बाद इसके लिए दोषी बीएसएफ़ जवान की पहचान के लिए जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हस्तक्षेप करना पड़ा था.

उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से अनुरोध किया था कि वे अभियुक्त की पहचान के लिए सुरक्षा बलों का सहयोग दिलाने में मदद करें.

घाटी में सुरक्षा बलों के हाथों नागरिकों को मृत्यु में बढ़ौतरी की घटनाओं पर उमर अब्दुल्ला सरकार को लगातार स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों की आलोचना झेलनी पड़ रही है.

पिछले हफ़्ते लाल चौक में गोलीबारी के दौरान एक फ़ोटोग्राफ़र अमन फ़ारूक़ पर पर कथित रुप से गोली चलाने वाले पुलिस उपाधीक्षक पर कार्रवाई न करने से मीडिया के लोग भी मुख्यमंत्री से नाराज़ हो गए थे.

सरकार ने इस मामले में पुलिस के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया था.

इस मामले में सरकार की ओर से एक जाँच का आदेश दिया गया था लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है.

'कठोर दंड'

Image caption उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था

जम्मू में बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि युवक की मौत के अभियुक्त बीएसएफ़ जवान को कठोर सज़ा दी जाएगी.

जम्मू में मीडिया को संबोधित करते हुए उमर अब्दुला ने कहा, "जवान को कुछ सबूतों के आधार पर निलंबित किया गया है और आगे की जाँच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है."

उन्होंने कहा कि बीएसएफ़ के इस जवान के ख़िलाफ़ अदालत में ठोस सबूतों के आधार पर मुक़दमा चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसे कठोरतम सज़ा मिले.

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