भाजपा का आरोप,सुरक्षा में है खामी

जेटली
Image caption जेटली ने अभी पाकिस्तान से वार्ता करने पर सवाल उठाए.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कहा कि पुणे में हुए धमाके से स्पष्ट हो गया है कि सुरक्षा तंत्र में खामियाँ बरकरार हैं.

पार्टी के महासचिव अरुण जेटली ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "इस घटना से स्पष्ट कर दिया कि हम इस तरह के ख़तरों का जवाब देने में विफल हो गए. खुफ़िया सूचनाँ अभी भी पर्याप्त नहीं हैं जिससे सुरक्षा तंत्र की कमियों का पता चलता है."

जेटली के प्रेस कॉंफ़्रेंस से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की अध्यक्षता में पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हुई जिसमें पुणे धमाके की निंदा की गई. पार्टी ने कुछ वरिष्ठ नेताओं को पुणे भेजने का फ़ैसला किया है.

अरुण जेटली ने कहा कि इस हमले में फिर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा,"जब 26/11 की घटना हुई थी तब दो बड़े होटल और एक यहूदी ठिकाने को निशाना बनाया गया. यहां भी विदेशी नागरिकों को ही निशाना बनाने की कोशिश हुई ताकि अंतरराष्ट्रीय असर पड़े."

दुश्मनों का हाथ

भाजपा नेता ने हमले के पीछे भारत के दुश्मनों का हाथ बताते हुए कहा, "न ही भारत और न ही कोई भारतीय इस बात को स्वीकार करेगा कि भारत एक कमज़ोर देश है."

जेटली ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पर्याप्त ख़ुफ़िया सूचना नहीं थी और उन इलाक़ों में भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई जहां का जायज़ा डेविड हेडली ने लिया था.

बाद में डेविड हेडली को अमरीकी एजेंसियों ने गिरफ़्तार कर लिया था.

जेटली ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधऩ (यूपीए) सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इस समय पाकिस्तान से फिर वार्ता शुरु करने पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, "जब आतंकवाद से भारत को ख़तरा हो तब बातचीत नहीं करना भी कूटनीति का हिस्सा हो सकता है. अभी ऐसा कोई कारण नहीं है कि मुंबई हमलों के बाद की नीति को बदला जाए."

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