माओवादी हमले में 17 जवानों की मौत

सेना
Image caption पिछले साल सेना ने लालगढ़ में कार्रवाई की थी

पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर ज़िले में माओवादियों ने अर्धसैनिक बलों के एक कैंप पर हमला किया है, जिसमें 17 जवान मारे गए हैं और सात जवान लापता हैं.

उधर देर रात माओवादियों ने पूर्वी सिंहभूम के पास सीआरपीएए के एक कैंप पर हमला किया है और वहां अभी भी मुठभेड़ जारी है. रांची से बीबीसी संवाददाता ने बताया कि अभी इस बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल सकी है.

पश्चिम बंगाल का हमला लालगढ़ से सटे सिलदा इलाक़े में हुआ, जहाँ इस्टर्न फ़्रंटियर राइफ़ल्स के जवानों ने कैंप लगाया था.

सोमवार की शाम पहला हमला सिलदा में कैंप पर हुआ. मोटरसाइकिल पर सवाल क़रीब 50 माओवादियों ने कैंप को घेर कर हमला किया और कैंप को आग लगा दी.

पश्चिमी मिदनापुर ज़िले के ज़िलाधिकारी एनएस निगम ने बीबीसी को बताया कि शुरू में जवानों ने इसका प्रतिरोध किया लेकिन माओवादियों ने कैंप को तहस-नहस कर दिया.

एनएस निगम ने बताया कि 16 जवानों के शव बरामद कर लिए हैं. जिनमें से कुछ शव बुरी तरह जले हुए हैं. उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल कई जवानों को कोलकाता लाया जा रहा है.

कठिनाई

उन्होंने कहा, "माओवादियों ने कैंप को आग लगा दी और इस कैंप की ओर आने वाली सड़कों पर बारूदी सुरंग लगा दिया."

सिलदा के निकट के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कैंप के आसपास जवानों के कई अधजले शवों को देखा है.

इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रवक्ता किशनजी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके साथियों ने सिलदा के इस सैनिक कैंप पर हमला किया है.

उन्होंने बताया, "हमारा हमला सफल रहा है. हम वहाँ से हथियार भी ले गए हैं. ये गृह मंत्री पी चिदंबरम के ऑपरेशन ग्रीन हंट का जवाब है."

किशनजी ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं और ऐसे हमले भी रोक सकते हैं लेकिन इससे पहले सरकार को अपना अभियान ग्रीन हंट रोकना होगा.

इस महीने के शुरू में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने माओवादी हिंसा से प्रभावित चार राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उड़ीसा के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की थी.

चिदंबरम ने चेतावनी दी थी कि अगर माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत के लिए आगे नहीं आए, तो ऑपरेशन ग्रीन हंट में तेज़ी लाई जाएगी.

संबंधित समाचार