पुलिस कार्रवाई पर अदालत सख़्त

तेलंगाना
Image caption उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन कर रहे हैं

तेलंगाना की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान उस्मानिया विश्वविद्यालय के कैम्पस से निकल जाएँ.

अदालत ने कहा है कि वो पुलिस अधिकारी कैम्पस में न जाएँ, जिन पर छात्रों और पत्रकारों के साथ मारपीट करने के आरोप है.

अदालत ने निर्देश दिया है कि शहर के पुलिस आयुक्त एके ख़ान या उस इलाक़े के पुलिस स्टेशन के प्रभारी वहाँ जा सकते हैं.

जस्टिस नरसिम्हा रेड्डी चार छात्रों की याचिका पर ये निर्देश जारी किए हैं.

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को इस बात का पूरा अधिकार है कि वो शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करें.

मांग

हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय कैम्पस में रविवार रात से चल रही हिंसा में कम से कम छह पत्रकारों की गंभीर रूप से घायल हो जाने और आठ टीवी चैनलों के कैमरे तोड़े जाने के बाद पूरे राज्य के पत्रकारों में नाराज़गी है.

बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सचिवालय में गृह मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी और सूचना मंत्री गीता रेड्डी सहित कई मंत्रियों का घेराव किया और पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग की.

बाद में मुख्यमंत्री के रोसैया वहाँ पहुँचे. उन्होंने पत्रकारों से माफ़ी मांगी और इस मामले की छानबीन का आदेश दिया.

राज्य के कई दूसरे शहरों में भी पत्रकारों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं.

दूसरी ओर सोमवार को राज्य विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन ख़ूब हंगामा हुआ.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) विधायकों ने तो त्यागपत्र दे दिया है. लेकिन तेलंगाना क्षेत्र से कांग्रेसी विधायकों ने भी राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया.

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