भाजपा का तीन दिवसीय अहम अधिवेशन

नितिन गडकरी
Image caption नितिन गडकरी को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर कोई चुनौतीपूर्ण कार्य मिला है

अपने आपको बदलने की कोशिशों में लगी भारतीय जनता पार्टी की तीन दिन का राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर में बुधवार से शुरु हो रहा है.

बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी तो 18 और 19 फ़रवरी को राष्ट्रीय परिषद की. उसमें औपचारिक तौर पर नितिन गडकरी को पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के फ़ैसले का अनुमोदन किया जाएगा.

मई 2009 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा के राष्ट्रीय परिषद की ये पहली बैठक है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीधे हस्तक्षेप के बाद भारतीय जनता पार्टी में परिवर्तन की जो शुरुआत हुई है, इस सम्मेलन में उसे आगे ले जाने का रोड मैप तैयार किया जाएगा.

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बैठक में भाजपा का कलेवर बदलने के अलावा तेवर बदले जाने पर भी चर्चा होगी.

परिवर्तन

पिछले दो लोकसभा चुनावों में भाजपा को हार का मुँह देखना पड़ा और पार्टी के भीतर का अंतर्कलह सतह पर दिखने लगा.

जब पार्टी के भीतर आरोप प्रत्यारोप सार्वजनिक होने लगे और पार्टी के नेता मीडिया के ज़रिए वाद-विवाद करने लगे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हस्तक्षेप किया और पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरु की.

हालांकि इसे भाजपा संघ का हस्तक्षेप नहीं मानती और दावा करती है कि यह उसका अपना निर्णय है.

लेकिन राजनाथ सिंह को अध्यक्ष का पद छोड़ना पड़ा और लालकृष्ण आडवाणी को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद.

अब 83 वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी मार्गदर्शक की भूमिका में हैं जबकि 52 वर्ष के नितिन गडकरी पार्टी के अध्यक्ष हैं.

गडकरी पिछले 30 सालों में वे भाजपा के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष हैं.

Image caption पुराने नेताओं को अब मार्गदर्शन तक सीमित कर दिया गया है

सुषमा स्वराज और अरूण जेटली को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया है.

पार्टी के सामने चुनौतियाँ हैं कि वह अब अपेक्षाकृत कम उम्र के नेताओं के नेतृत्व में लोगों के बीच अपनी छवि को बदले और लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर सके.

पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि गडकरी के नेतृत्व में पार्टी का न केवल कलेवर बदला है बल्कि अब पार्टी के तेवर भी बदलेंगे.

यह बदलाव कैसे होंगे इसकी झलक अधिवेशन में पेश किए जाने वाले प्रस्तावों से भी मिलेगी.

गुरुवार और शुक्रवार को राष्ट्रीय परिषद के खुले अधिवेशन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली आंतरिक सुरक्षा पर प्रस्ताव लाएंगे और आर्थिक मुद्दों पर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा प्रस्ताव पेश करेंगे.

मुरली मनोहर जोशी पर्यावरण पर प्रस्ताव पेश करेंगे.

कहा जा रहा है कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह 'गंगा शुद्धीकरण' के नारे के साथ पार्टी के लिए एक नया कार्यक्रम पेश करेंगे.

आमतौर पर अच्छे होटलों में अधिवेशन करने वाली भाजपा इस बार तंबुओं में अधिवेशन कर रही है. जैसा कि पार्टी के नेता बताते हैं, पार्टी के नए अध्यक्ष भाजपा को फिर से 'जनता की ज़मीनी पार्टी' बनाना चाहते हैं.

पुणे में पिछले शनिवार को हुए विस्फोट को देखते हुए इंदौर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

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