नक्सलियों ने 11 ग्रामीणों को मारा

नक्सली
Image caption पुलिस का साथ देने की वजह से नक्सली गाँव वालों से नाराज़ थे

बिहार के जमुई ज़िले के फुलवरिया कोरासी गाँव में बुधवार की रात नक्सलियों ने हमला कर दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सौ से अधिक नक्सलियों ने गाँव में घुसते ही अंधाधुंध फ़ायरिंग की, एक पक्के मकान को विस्फोटक से उड़ा दिया और कई मकानों में आग लगा दी.

जमुई के ज़िलाधीश प्रेमसिंह मीणा ने बीबीसी को बताया कि अब तक 11 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है.

सिकंदरा थाना के प्रभारी के हवाले से सूचना दी गई है कि दो लोगों के कटे हुए सिर मिले हैं.

गाँव के कई लोग लापता बताए गए हैं जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नक्सली कुछ लोगों को अपने साथ बंधक बनाकर ले गए हैं.

गाँव वालों का कहना है कि क़रीब दो हफ़्ते पहले गाँव वालों ने आठ नक्सलियों को घेरकर मार डाला था और यह हमला उसी की प्रतिक्रिया स्वरुप हुआ है.

हमला

गाँव के लोगों का कहना है कि आधी रात के बाद सौ से अधिक हथियारबंद नक्सली गाँव में पहुँचे थे.

उनका कहना है कि पहले तो नक्सलियों का कुछ ग्रामीणों में विरोध किया लेकिन नक्सलियों की संख्या अधिक थी और वे गाँव में घुस गए और उन्होंने बड़ी देर तक आतंक मचाया.

वहाँ का दौरा करके लौटे स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि नक्सलियों ने गाँव में घूम-घूम कर गोलीबारी की है और मकानों को जला दिया है.

उनका कहना है कि पुलिस वहाँ सुबह होने से पहले नहीं पहुँची.

हालांकि ज़िलाधीश प्रेमसिंह मीणा का दावा है कि गाँव से तीन किलोमीटर दूर स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स के जवानों ने गाँव में पहुँच कर नक्सलियों पर गोलीबारी शुरु की थी और उसी की वजह से नक्सली गाँव छोड़कर भागे.

उनका कहना है कि पूरे इलाक़े में तलाशी अभियान शुरु किया गया है.

आशंका है कि मरने वालों की संख्या और अधिक हो सकती है.

जिस मकान को विस्फोट करके उड़ाया गया है, उसके मलबे में भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.

ग्रामीण नाराज़

ग्रामीण इस घटना के बाद पुलिस से बेहद नाराज़ हैं.

उनका कहना है कि गाँव के लोगों ने जब से नक्सलियों को मारा था, तब से उन्हें नक्सलियों की ओर से धमकियाँ मिल रही थीं और वे पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की माँग कर रहे थे.

ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के हमले के बारे में अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था.

उनके अनुसार नक्सली उस घटना से नाराज़ थे और उन्होंने विरोध स्वरूप दो दिनों का पूर्वी बिहार बंद का आह्वान भी किया था.

वहाँ से लौटे पत्रकारों का कहना है कि नक्सली जाते-जाते ग्रामीणों को चेतावनी दे गए हैं कि अगर आम लोग नक्सलियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करेंगे तो उन्हें ऐसे ही नतीजे भुगतने होंगे.

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