'मिग-29 के' नौसेना में शामिल

रूस में बने एमआईजी-29के मैरीटाइम लड़ाकू विमानों को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है.

इस मौके पर शुक्रवार को गोवा में रक्षा मंत्री एके एंटनी, नौसेना के चीफ़ एडमिरल निर्मल वर्मा, गोवा के मुख्यमंत्री दिंगबर कामत और रूस के व्यापार मंत्री विक्टर क्रिसटेंको भी मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि एमआईजी-29के के शामिल होने से नौसेना की क्षमता में और इज़ाफ़ा होगा.

योजना के अनुसार एमआईजी-29 के को रूसी एयरक्राफ़्ट कैरियर एडमिरल गॉर्शकॉर्फ़ में इस्तेमाल किया जाएगा. एडमिरल गॉर्शकॉर्फ़ का निर्माण अभी जारी है और इसे 2012 में नौसेना में शामिल किया जाएगा.

मिग-29 को दो दशक के इंतज़ार के बाद सेना में शामिल किया गया है. 80 के दशक में आख़िरी बार ब्रिटेन में बने मैरीटाइम विमान एसटोओवएल यानी शॉर्ट टेक ऑफ़ एंड वर्टिकल लैंडिंग को जल सेना में लिया गया था.

नौसेना ने नए रूसी एयरक्राफट कैरियर का नाम आईएनएस विक्रमादित्य रखा है.

भारत और रूस के बीच 2004 में 16 मिग-29 के और एडमिरल गॉर्शकॉफ़ खरीदने का समझौता हुआ था. ये 2008 में भी भारत आने थे लेकिन देरी के कारण मामला टल गया.

रक्षा मंत्री ने कहा है कि नौसेना ने एयरक्राफ़ट के प्रदर्शन पर संतुष्टि जताई है और सरकार रूस से ऐसे 29 और विमान खरीदेगी.

भारत ने 2009 में दस पायलटों को प्रशिक्षण के लिए भेजा था. डेक लैंडिंग ट्रेनिंग के लिए पायलटों को अमरीका भी भेजा गया था.

भारतीय वायु सेना के पायलटों को चार महीने बाद फिर रूस जाना पड़ेगा जब गॉर्शकॉफ़ को शामिल किया जाएगा.