सिख युवकों की वापसी के लिए भी मदद

पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम ने कहा कि वे मदद के लिए तैयार हैं

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि केंद्र सरकार उन सिख युवकों की स्वदेश वापसी में मदद के लिए तैयार हैं, जिन्होंने पंजाब में चरमपंथ के दौरान दूसरे देशों में शरण ले ली थी.

हालाँकि गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा.

कुछ दिनों पहले गृह मंत्री ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चले गए कश्मीरी चरमपंथियों से भी ऐसा ही आह्वान किया था.

पंजाब के अटारी में देश के पहले एकीकृत चेक पोस्ट की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में चिदंबरम ने कहा, "चरमपंथ का रास्ता छोड़कर, हिंसा त्यागकर और खालिस्तान की मांग को परे रखकर अगर सिख युवक लौटना चाहते हैं, तो हम इनकी वापसी में मदद करेंगे."

दो दिन पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र सरकार की इस बात के लिए आलोचना की थी कि उन्होंने कश्मीरी युवकों की तर्ज पर सिख युवकों के सामने भी वैसा ही प्रस्ताव नहीं रखा था.

प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि अगर देश एक है तो उन सिख युवकों के लिए वैसा ही प्रस्ताव क्यों नहीं लाया जा रहा है, जो हिंसा का रास्ता छोड़ना चाहते हैं.

लेकिन शनिवार को पी चिदंबरम ने कहा कि अगर पंजाब सरकार इस बारे में कोई योजना बनाती है, तो वे ख़ुशी से इस पर विचार करेंगे.

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