बंद से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

कश्मीर में प्रदर्शन
Image caption बंद से जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा.

भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा बलों की कथित ज़्यादती के ख़िलाफ़ बंद से जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा.

घाटी के ज़्यादातर भागों में दुकानें बंद रहीं और यातायात भी प्रभावित रहा.

हड़ताल का आह्वान अलगाववादी संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कॉंफ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गीलानी ने किया था.

हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने राजधानी श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों के बाद अधिकारियों को पाँच दिनों तक कर्फ़्यू लगाना पड़ा था.

इसके बाद एक घटना में दो नाबालिग लड़के मारे गए. इसके लिए अर्धसैनिक बलों और पुलिस को ज़िम्मेदार ठहराया गया था.

अधिकारियों ने माना कि दोनों लड़के निर्दोष थे और बाद में अर्धसैनिक बल के एक जवान को हत्या के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया जबकि लापरवाही के लिए एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया.

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