आम आदमी को राहत सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रतिभा पाटिल
Image caption राष्ट्रपति ने सरकार की विभिन्न नीतियों का पूरा ब्योरा दिया है.

संसद के बजट सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सरकार मंहगाई से आम आदमी को राहत देने की पूरी कोशिश कर रही है और इसके लिए कई उपाय किए गए हैं.

दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने मंहगाई समेत चरमपंथ, आर्थिक संकट, जम्मू कश्मीर और आधारभूत संरचना के मामलों में सरकार के कार्यों का ब्योरा दिया.

मंहगाई के मु्द्दे पर राष्ट्रपति का कहना था, ‘‘पूरी दुनिया में पिछले साल आर्थिक मंदी का दौर रहा. फिर मानसून की समस्या रही. इसके अलावा हमने किसानों के उत्पादन को अधिक मूल्य देने की कोशिशी की. लिहाजा क़ीमतें बढ़ी हैं. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता आम आदमी को राहत देने की है.’’

उन्होंने कहा कि मंहगाई कम करने के लिए आयात को उदार बनाया गया है. इसके साथ ही गेंहू, चावल का आयात किया जा रहा है और सहकारी संस्थाओं की मदद ली जा रही है.

प्रतिभा पाटिल का कहना था कि जिस समय पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था नकारात्मक जा रही थी तब देश की अर्थव्यवस्था ख़राब नहीं हुई. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष विकास दर आठ प्रतिशत तक रहेगी.

राष्ट्रपति ने नक्सलवाद को देश के सामने बड़ी चुनौती करार दिया और कहा कि सरकार ने उनके समक्ष बातचीत का प्रस्ताव भी रखा है. उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर में चरमपंथियों की घुसपैठ अधिक हुई है लेकिन वहां स्थिति पहले से बेहतर है.

उन्होंने बताया कि सशस्र सैनिकों के आधुनिकीकरण का कार्य प्रगति पर है.

राष्ट्रपति ने महिला आरक्षण विधेयक को जल्दी ही पारित करने के लिए प्रतिबद्धता की घोषणा की और कहा कि सभी पार्टियों को इस पर ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने अपने अभिभाषण में प्राथमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सरकारी प्रयासों की भी जानकारी दी.

उनका कहना था, ‘‘ मेरी सरकार बुनियादी शिक्षा में आमूल चूल बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है.’’

राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी काफ़ी काम किया है और विभिन्न योजनाओं के तहत सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.

संबंधित समाचार