माओवादी सीधा-लिखित बयान दें

पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम का कहना है कि वो माओवादियों का बयान आते ही प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने संघर्षविराम के संबंध में नक्सलियों के बयान पर कहा है कि वो उनसे संक्षिप्त और सीधा लिखित बयान चाहते हैं.

माओवादियों के प्रवक्ता किशनजी ने सोमवार को कहा था कि यदि सरकार 25 फ़रवरी से 72 दिनों तक अपना अभियान बंद रखे तो वो भी हिंसा बंद रखने को तैयार है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वो माओवादियों से हिंसा छोड़ने की अपील करते हैं और चाहते हैं कि वो एक सीधा लिखित बयान गृह मंत्रालय को फैक्स कर दें जिसके बाद वो इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगे.

गृह मंत्री ने कहा कि वो माओवादियों की तरफ से कोई अगर-मगर-लेकिन या फिर कोई और शर्त नहीं चाहते हैं. उन्होंने कहा कि माओवादी बातचीत के लिए कोई शर्त न रखें.

माओवादी नेता किशनजी ने सोमवार को 25 फ़रवरी से 7 मई तक का समय युद्धविराम के लिए तय किया था.

पिछले दिनों में माओवादियों का एक धड़ा बातचीत को इच्छुक नज़र आया है लेकिन किशनजी बातचीत के ख़िलाफ़ माने जाते थे.

माओवादी नेता गोपीनाथ जी या दुर्गा हेमराम बातचीत के पक्ष में बयान दे रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि इस हिंसा का असर आदिवासियों की रोज़ी रोटी पर हो रहा है.

किशनजी पर भी इस बात का ख़ासा दबाव है और अंदाज़ा है कि ये पेशकश भी सरकार की तरफ़ से माओवादियों के ख़िलाफ़ तेज़ हो रहे अभियान को रोकने के लिए है.

पिछले ही हफ़्ते माओवादियों ने 24 पुलिसवालों को मौत के घाट उतार दिया था और बिहार में भी दस से ज़्यादा लोगों की जान ले ली थी.

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