सेहत के बाद अब राजनीति का योग

योग गुरू रामदेव (फ़ाइल)

योग गुरु बाबा रामदेव की नज़र अब देश की राजनीति पर है. वो कहते है चुनाव के बिना व्यवस्था परिवर्तन का काम नहीं किया जा सकता.

बाबा रामदेव ने बीबीसी से कहा उन्होंने देश के हर जिले में अपने भारत स्वाभिमान संगठन के पांच से 10 लाख सदस्य बनाने का आह्वान किया है, ये लोग भारतीय संसद के लिए ईमानदार लोग चुनने का काम करेंगे.

बाबा रामदेव को लगता है कि भ्रष्टाचार और काला धन देश की बड़ी समस्या हैं. समाज की सेहत सुधारते रहे योग गुरु कहते है कि काला धन देश के विकास में काम आएगा. इसे ग़रीबी दूर करने के काम में लेंगे.

वे कहते हैं कि सारी सत्ता और व्यवस्था अब बदलनी होगी. देश का लोकतंत्र जर्जर हो चूका है. उसका पुनर्जन्म होगा. ये काम साधू कर सकते है. वे सत्ता और संपत्ति से दूर रहते है.

बाबा कहते है उनके जेहन में ग़रीबी, भूख और नक्सलवाद जैसी समस्याएं हैं जिनका समाधान करना है.

ये न राजनीति है और न ही कूटनीति. ये योग नीति है जो देश को जोड़ने का काम करेगी. ये हमारा राजनीतिक दृष्टिकोण है. साधू संत व्यवस्था बदलने का काम कर सकते है क्योंकि वे प्रलोभन से परे रहते है

योगगुरू रामदेव

क्या ये उनकी राजनीतिक योजना है, यह पूछने पर रामदेव कहते हैं, "ये न राजनीति है और न ही कूटनीति. ये योग नीति है जो देश को जोड़ने का काम करेगी. ये हमारा राजनीतिक दृष्टिकोण है. साधू संत व्यवस्था बदलने का काम कर सकते है क्योंकि वे प्रलोभन से परे रहते है."

बाबा अब तक राजनेताओं को योग सिखाने का काम करते रहे है. अब तक उनका वास्ता राजनेताओं से पड़ता रहा है.

कदाचित अब उनका सामना व्यावहारिक राजनीति से होगा. ये देखना दिलचस्प होगा कि उनके योग का ज्ञान राजनीति में क्या उलटफेर करता है.

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