विपक्ष ने किया बजट भाषण से वॉकआउट

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट भाषण के दौरान शुक्रवार को पूरे विपक्ष ने वॉकआउट किया और इसे ग़रीब विरोधी बजट करार दिया है.

ये वॉकआउट पेट्रोलियम पदार्थों पर ड्यूटी में बढ़ोत्तरी के विरोध में किया गया और साथ ही ये चेतावनी भी दी गई कि जब तक इस फ़ैसले को वापस नहीं लिया जाता तब तक संसद को चलने नहीं दिया जाएगा.

जब प्रणब मुखर्जी ने पेट्रोल, डीज़ल और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की, उसके बाद विपक्ष शोरगुल के बीच सदन से बाहर चला गया.

जबकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी गुहार करते रहे कि उन्हें अपनी बात कहने दी जाए और बाद में इस पर बहस की जा सकती है.

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बहिष्कार के बाद पत्रकारों से कहा, “सरकार के इस क़दम से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ेंगी और इससे आम आदमी सीधे तौर पर प्रभावित होगा.”

बजट के बॉयकॉट में भारतीय जनता पार्टी को आरजेडी और वामदलों का भी साथ मिला. सभी नेताओं ने संसद के बाहर मिलकर पत्रकारों को संबोधिता किया.

विपक्ष का संयुक्त अभियान

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और सरकार पर आरोप लगाया कि वो तानाशाह की तरह बर्ताव कर रही है.

लालू यादव और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह ने कहा कि कीमतें बढ़ाने के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टियाँ संयुक्त अभियान चलाएँगी.

विपक्षी दलों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और कहा, ‘जो सरकार निकम्मी है वो सरकारी बदलनी है.’

वहीं सुषमा स्वराज का कहना था कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में बढ़ोतरी एक तरह से अप्रत्यक्ष कर है.

उधर सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने भी कहा है कि उनकी पार्टी बजट का विरोध करती है.

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