डेरा समर्थकों ने किया हिंसक प्रदर्शन

गुरमीत राम रहीम
Image caption गुरमीत राम रहीम के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच के आदेश पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिए थे

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम राम के ख़िलाफ़ हत्या का नया मामला दर्ज किए जाने से नाराज़ उनके समर्थकों ने भारी तोड़फोड़ मचाई है.

हथियारबंद समर्थकों ने शनिवार को दक्षिण पश्चिमी पंजाब और पश्चिमी हरियाणा के कई शहरों में दर्जनों बसों को जला दिया और रेलवे की संपत्ति को नुक़सान पहुँचाया है.

हिंसक प्रदर्शनों में कुछ लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

क्या है डेरा सच्चा सौदा?

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और चार अन्य लोगों के ख़िलाफ़ हत्या के मामले की जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) कर रही हैं. सीबीआई को यह मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सौंपा था.

डभवाली गाँव से डेरा सच्चा सौदा के एक पूर्व मैनेजर के लापता होने के मामले में सीबीआई ने हत्या का मामला दर्ज किया है.

डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता ने इस बात का खंडन किया है कि हिंसा की इन घटनाओं के पीछे डेरा समर्थकों का हाथ है.

डेरा सच्चा सौदा पंजाब के और हरियाणा के सबसे बड़े डेरों में से एक माना जाता है. यह एक धार्मिक-सामाजिक मान्यता का पंथ है जिससे अधिकतर पंजाब और हरियाणा के दलित समुदाय के लोग जुड़े हैं.

पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों के बाहुल्य वाले इस डेरे का केंद्र हरियाणा का सिरसा ज़िला है. गुरू राम रहीम इसके प्रमुख हैं. डेरा खुद को सिखों और हिंदुओं से अलग पंथ के रूप में लोगों के सामने रखता है.

हिंसक प्रदर्शन

जैसे ही गुरमीत राम रहीम के समर्थकों को सीबीआई की कार्रवाई की ख़बर मिली, उनके समर्थक मोगा, भटिंडा, मनसा, करनाल, जींद, हिसार, फ़तेहाबाद और सिरसा ज़िलों में सड़कों पर उतर आए.

प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों बसों और निजी वाहनों में तोड़फोड़ की और कई में आग लगा दी.

मोगा शहर में भीड़ ने स्टेशन पर खड़ी हुई लुधियाना-फ़िरोज़पुर पैसेंजर ट्रेन में आग लगा दी.लुधियाना स्टेशन पर भी भीड़ ने ट्रेन में आग लगाने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया.

जाइतो और अलबेला गाँवों में भी ट्रेनों को निशाना बनाया गया है.

बाघापुराना में दंगाइयों में से कुछ लोगों ने अचानक गोलीबारी शुरु कर दी और अचानक घटी इस घटना से चकित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति को संभालने की कोशिशें करते रहे.

फ़िरोज़पुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक आरपी मित्तल ने कहा है,"हम स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं."

पुलिस ने बाघापुराना में आठ महिलाओं सहित 20 लोगों को गिरफ़्तार किया है. ट्रेन के एक ड्राइवर सहित तीन लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों ने हरियाणा के सिरसा, उचाना और कैथल में कई जगह खड़ी हुई बसों में आग लगा दी.

फ़तेहाबाद के बस स्टेशन को भी आग लगा दी गई.

खंडन

डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय के भीतर भी गोलीबारी की ख़बरें हैं लेकिन डेरा के प्रवक्ता डॉ आदित्य इंसान ने इसका खंडन किया है.

डेरा के अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों के आरोपों और मीडिया की उन ख़बरों को चुनौती दी है जिनमें दंगाइयों को डेरा सच्चा सौदा का समर्थक बताया गया है.

डॉ इंसान ने फ़ोन पर कहा, "यह बुलकुल ग़लत है. हमारे लोग शांतिप्रिय हैं और चाहे जैसी भी परिस्थिति हो वे इस तरह की हिंसा पर नहीं कर सकते."

उनका कहना है कि उल्टे शनिवार की सुबह डेरा के हज़ारों समर्थकों ने मिलिट्री कैंप में रक्तदान किया है.

उनका कहना था, "शाम की प्रार्थना सभा में भी हज़ारों लोग मौजूद थे और वहाँ सीबीआई की कार्रवाई के ख़िलाफ़ इस तरह की नाराज़गी के कोई संकेत नहीं मिले."

बहरहाल इन घटनाओं के बाद से स्थिति बेहद तनावपूर्ण है और हर जगह पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.

बताया गया है कि पंजाव के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सुखबीर सिंह बादल ख़ुद स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं.

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