काबुल की उड़ान से बचने की सलाह

इंडियन कॉमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयर इंडिया प्रबंधन को एक पत्र लिखकर कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के लिए कोई भी उड़ान ले जाने ख़तरे से खाली नहीं है.

संगठन ने एयर इंडिया की काबुल जाने वाली उडा़नों को रोकने की मांग की है.

इसके जवाब में एयर इंडिया के चेयरमैन अरविंद जाधव ने कहा है, ‘‘हम नहीं मानते कि काबुल जाना असुरक्षित है. अगर ऐसा होता तो हम ख़ुद वहाँ उड़ाने नहीं भेजते.’’

जाधव, गुरुवार को हैदराबाद के बेगमपेट विमान तल पर चल रही इंडियन एविएशन-2010 नामक प्रदर्शनी में भाग लेने आए हुए थे.

इस दौरान संवाददाताओं से उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं समझता हूँ कि उड़ानों को काबुल ले जाने में कोई दिक्कत है. अगर पायलट्स ने यह माँग उठाई है तो हम उसे देखेंगे लेकिन मैं नहीं समझता कि हम किसी असुरक्षित जोन में जा रहे हैं.’’

सरकार का रुख़

उन्होंने कहा कि काबुल के लिए उडा़नें संचालित करना न केवल एयर इंडिया बल्कि पूरे देश के लिए इज्जत की बात है.

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया फ़्लाइट जीवन रेखा की तरह है इसलिए इसे बनाए रखना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान हमारा दोस्त है. ऐसी स्थिति में हम हमेशा यह प्रयास करते हैं कि हमारी फ़्लाइट सुरक्षित रहे. ऐसा नहीं है कि काबुल के लिए केवल भारत ही उड़ाने संचालित करता है, कई अन्य देश भी वहाँ अपनी उड़ाने संचालित करते हैं.

पायलटलों के इस संगठन ने यह माँग काबुल में 26 फ़रवरी को भारतीय लोगों को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद की है.

संगठन ने अपने पत्र में कहा है कि काबुल का एयर ट्रैफ़िक मैनेजमेंट बहुत ख़राब है. वहाँ के हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटिंग प्रक्रिया भी नहीं अपनाई जाती है.

वहीं पायलटों की इस मांग के बाद एयर इंडिया की मातृ कंपनी नेशनल एविएशन कंपनी लिमिटेड ने कहा है कि काबुल के बारे में पायलटों की माँग स्वीकार्य नहीं है.

कंपनी का कहना है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जो प्रक्रियाएँ निर्धारित की है, उनपर पूरा अमल किया जा रहा है. काबुल के लिए पिछले कई सालों से उड़ाने संचालित हो रही हैं लेकिन अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है.

एयर इंडिया काबुल के लिए हर हफ़्ते छह उड़ाने संचालित करती है.

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