दो दिन चली मुठभेड़ में पाँच की मौत

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption अधिकारियों का कहना है कि भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ी हैं

भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सेना और चरमपंथियों के बीच दो दिन चली मुठभेड़ में कैप्टन दीपक कपूर और चार चरमपंथी मारे गए.

इस मुठभेड़ में पाँच सैनिक भी घायल हो गए हैं.

भारतीय सेना का कहना है कि ये मुठभेड़ ददसार गांव के पास हुई और सेना ने इस पूरे इलाक़े की घेराबंदी कर दी थी.

सेना का कहना है कि मारे गए चरमपंथी हिज़बुल मुजाहिदीन के थे और वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय थे और वे भारतीय सुरक्षाबलों पर कई हमलों के ज़िम्मेदार थे.

ग़ौरतलब है कि भारत प्रशासित जम्मू से कश्मीर घाटी तक 720 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर हाल में फ़ायरिंग और कथित घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ी हैं.

आत्मसमर्पण

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में पिछले महीने भारतीय सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में एक 16 वर्षीय लड़के की मौत के मामले में सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट ने श्रीनगर में आत्मसमर्पण कर दिया है.

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के कमांडेंट आरके बिरदी का मामला श्रीनगर में पाँच फ़रवरी को घटी घटना से संबंधित है.

पाँच फ़रवरी को बीएसएफ़ की एक टुकड़ी श्रीनगर से गुज़र रही थी जब एक 16 वर्षीय लड़का कथित तौर पर एक बीएसएफ़ जवान की गोली से मारा गया.

इसके बाद बीएसएफ़ जवान लखविंदर को निलंबित कर दिया था और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया.

लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल बनाया गया.

इस दौरान बीएसएफ़ कमांडेंट आरके बिरदी पर आरोप लगा कि उनके आदेश पर जवान लखविंदर ने गोली चलाई थी.

लेकिन बीएसएफ़ कमांडांट फ़रार हो गए और अग्रिम जमानत की उनकी याचिक पर अभी सुनावाई चल रही है.

गुरुवार को श्रीनगर के पुलिस महानिरीक्षक (पूर्वी) के समक्ष पेश होकर बिरदी ने आत्मसमर्पण कर दिया.

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