मंदिर प्रबंधन के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज

Image caption कृपालुजी महाराज के आश्रम में मची भगदड़ में 63 लोग मारे गए

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कृपालुजी महाराज के आश्रम का गेट गिरने और फिर मची भगदड़ में 63 लोगों की मृत्यु की घटना में पुलिस ने मंदिर प्रबंधन के ख़िलाफ़ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया है.

गुरुवार दोपहर हुई इस घटना में सौ से अधिक लोग घायल भी हुए थे. मरने वालों में 37 बच्चे और 26 महिलाएँ हैं.

कुंडा में एक पुलिस अधिकारी इक़बाल सिंह ने बीबीसी को बताया, "मंदिर के प्रबंधन और कार्यक्रम के आयोजकों के ख़िलाफ़ लापरवाही के कारण लोगों की मौत की ज़िम्मेदारी का मामला दर्ज किया गया है. लेकिन किसी को फ़िलहाल गिरफ़्तार नहीं किया गया और न ही किसी व्यक्ति विशेष का नाम लिया गया है."

बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के आदेश पर ये मामला दर्ज किया गया है.

इलाहाबाद डिविज़न के आयुक्त भी इस मामले की प्रशासनिक जाँच कर रहे हैं. फ़िलहाल पुलिस इसे एक दुर्घटना के तौर पर ही देख रही है.

कृपालुजी महाराज आश्रम के मंदिर ट्रस्ट के मुखिया ने इस घटना पर अफ़सोस व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने की पेशकश की है.

कृपालुजी महाराज 88 वर्षीय हिंदू संत हैं जिनके देश-विदेश में अनेक समर्थक हैं. उनकी पत्नी का पिछली साल निधन हुआ था और उनकी बरसी के मौक़े पर लोगों को सामान वितरित किया जा रहा था.

गेट गिरने से भगदड़ मची

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने बीबीसी को बताया कि लोगों की मृत्यु आश्रम का गेट गिरने से नीचे दबकर और फिर मची भगदड़ के कारण से हुईं. आश्रम में रामजानकी मंदिर है जिसका विशाल मुख्य गेट बनाया जा रहा था.

प्रतापगढ़ ज़िले के कुंडा स्थित आश्रम में उस समय लगभग 15 से 20 हज़ार लोग जमा थे.

कार्यक्रम के आयोजकों का कहना था कि उन्हें अनुमान नहीं था कि इतनी ज़्यादा संख्या में लोग वहाँ जमा हो जाएँगे.

प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक महेश कुमार शर्मा का कहना था कि घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि गंभीर लोगों को इलाहाबाद भेजा गया है.

बरसी के मौक़े पर थाली, लौटा बांटने के दौरान आश्रम का निर्माणाधीन गेट गिर गया और कुछ लोगों की मौत हो गई और जबकि इसके बाद मची भगदड़ की चपेट में और लोग आ गए.

उत्तर प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटनास्थल का दौरा किया.

विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया भी घटनास्थल पर गए.

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