लगता नहीं भारत संजीदा, सार्थक वार्ता चाहता है: पाक

भारत-पाक सीमा चौंकी पर भारत और पाकिस्तान के सैनिक
Image caption मनमोहन सिंह ने कहा था कि जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान से बात कर रहा है तो भारत के बात न करने से पाकिस्तान अलग-थलग नहीं होगा

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पाकिस्तान के साथ बातचीत पर संसद में बयान के बाद पाकिस्तान ने कहा है कि उसे नहीं लगता कि भारत संजीदा है और नतीजे तक पहुँचाने वाली बातचीत करना चाहता है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने बीबीसी उर्दू के जाफ़र रिज़वी से कहा है कि भारत को बातचीत के लिए कोई शर्त नहीं रखनी चाहिए.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा था, "पाकिस्तान के साथ बातचीत ही आगे का रास्ता है...लेकिन ये भी स्पष्ट है कि पाकिस्तान को अपनी भूमि से भारत के ख़िलाफ़ होने वाली आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगानी होगी. इसमें नॉन स्टेट एक्टर यानी वो लोग जो सरकार से संबंधित नहीं हैं, उनकी गतिविधियाँ भी शामिल हैं."

मनमोहन सिंह ने सऊदी अरब की भारत-पाक संबंधों में भूमिका और मध्यस्थता के विवाद पर स्पष्ट किया, "हमें किसी की मध्यस्थता की ज़रूरत नहीं है...हम पहले ही पाकिस्तान से बात कर रहे हैं...हम दक्षिण एशिया में किसी विदेशी ताकत का दख़ल नहीं चाहते."

भारत में विपक्षी दल भाजपा के पाकिस्तान से बातचीत पर एतराज़ के बारे में मनमोहन सिंह ने कहा था, "जब पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है तो हमारे पाकिस्तान से बातचीत न करने से पाकिस्तान अलग-थलग नहीं होगा."

'शीतयुद्ध की मानसिकता से निकलें'

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, "हमारे विचार में जब भी दिल्ली चाहेगा, बातचीत हो सकती है लेकिन बातचीत करने के लिए शर्त नहीं रखनी चाहिए...शर्त हम भी लगा सकते हैं. हमारे भी मसले हैं...लगता नहीं कि भारत संजीदा है और नतीजे तक पहुँचाने वाली बातचीत करना चाहता है."

उन्होंने कहा, "ये ग़ैर-संजीदगी है. दहशतगर्दी तो हमारा भी मसला है लेकिन एक ही मुद्दे को लेकर बात करने से मसले हल नहीं होते."

लेकिन उनका ये भी कहना था कि अंत में तो दोनों पक्षों को बातचीत की मेज़ पर आना ही होगा.

अब्दुल बासित ने आरोप लगाया, "बदकिसमती है कि जब काबुल जैसी घटनाएँ होती हैं तो भारत तत्काल ऐसी घटनाओं के पाकिस्ताने के साथ ताने-बाने मिलाने शुरु कर देता है. शीत युद्ध की इस मानसिकता से बाहर आना चाहिए."

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान को सऊदी अरब की भारत-पाक बातचीत में मध्यस्थता से कोई एतराज़ नहीं है लेकिन भारत इस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण देकर इसे नकार चुका है.

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