आपका बच्चा कितना सेहतमंद है

बच्चे  (फ़ाइल फोटो)
Image caption पार्ट टाइम काम करने वाली महिलाएं बच्चों के साथ जो पल गुजारती हैं, उसमें काफी गुणवत्ता होती है

एक नए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि पार्ट टाइम काम करने वाली महिलाओं के बच्चे उन बच्चों की तुलना में कहीं अधिक सेहतमंद होते हैं जिनकी माताएं या तो फुल टाइम काम करती हैं या घरेलू होती हैं.

ऑस्ट्रेलिया में 4,500 बच्चों पर किए गए एक शोध के मुताबिक हफ्ते में कुछ दिनों तक काम करने वाली माताओं के बच्चों में जंक फूड खाने की आदत कम होती है. इस कारण उनमें मोटापे की भी संभावना कम रहती है.

मेलबर्न स्थित मर्डोक चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधार्थियों का कहना है कि पार्ट टाइम करने वाली माताएं अपने बच्चों के साथ जो समय गुजारती हैं, उसकी गुणवत्ता काफी अधिक होती है.

माताओं के लिए संदेश

अध्ययन के मुताबिक एक हफ्ते में 34 घंटे से अधिक समय तक काम करने वाली माताओं को घरेलू गतिविधियों के लिए समय निकालने में संघर्ष करना पड़ता है.

हालांकि अध्ययन इस बात के कारण स्पष्ट करने में सफल नहीं रहा कि गैर कामकाजी माताओं के बच्चों की आदतें कम सेहतमंद क्यों होती हैं.

फैमिली एंड पैरेंटिंग इंस्टीट्यूट की डॉ. मैरिटाना क्लेट जेविस कहती हैं, ‘‘यह शर्म की बात है कि ऐसे अध्ययनों में पिता की भूमिका को नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर खाने की मेज पर एक सेहतमंद भोजन नहीं है तो इसके लिए हमेशा ही कामकाजी मां ही दोषी क्यों मानी जाती है.’’

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