एक सुर में लालू और मुलायम

मुलायम सिंह यादव और लालू यादव
Image caption लालू और मुलायम को मौजूदा स्वरूप में महिला आरक्षण नहीं स्वीकार

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने महिला आरक्षण विधेयक का पुरज़ोर विरोध किया है.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने इसे साज़िश की संज्ञा दी है.

महिला आरक्षण विधेयक पर एक सुर में बात करते हुए दोनों नेताओं ने इस विधेयक का हरसंभव विरोध करने की बात कही.

लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि ये पिछड़ों, मुसलमानों और दलितों को संसद में आने देने से रोकने की साज़िश है.

तो लालू यादव ने इसे भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की साज़िश बताया.

उन्होंने कहा कि ये पार्टियाँ पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मुसलमान महिलाओं के प्रतिनिधित्व को दबाना चाहती हैं.

मुलायम सिंह यादव ने कहा, "समाजवादी पार्टी महिलाओं के आरक्षण के ख़िलाफ़ नहीं है लेकिन हम विधेयक के मौजूदा स्वरूप के ख़िलाफ़ हैं. ये कांग्रेस और भाजपा की साज़िश है और ये पार्टियाँ मुसलमानों, दलितों और पिछड़ों को संसद में नहीं आने देना चाहतीं."

उन्होंने कहा कि ये आरोप नहीं है, बल्कि ये तो सच्चाई है कि कांग्रेस और भाजपा हमेशा से ही दलित विरोधी, मुसलमान विरोधी और पिछड़ा विरोधी रही हैं.

'ग़लती'

दूसरी ओर पटना में महिला आरक्षण विधेयक के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने वाले लालू यादव ने भी कमोबेश यही बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि ये विधेयक बहुत बड़ी राजनीतिक ग़लती है. लालू यादव ने कहा कि केंद्र सरकार रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर समिति की रिपोर्ट को तो लागू नहीं कर रही और अब महिला विधेयक की बात कहकर इससे ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है.

लालू यादव ने कहा, "मैं तो ये चाहता हूँ कि सभी समुदायों की महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले. लेकिन आप समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं के हितों की अनदेखी नहीं कर सकते."

दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि ये पार्टियाँ इसलिए संविधान में संशोधन करना चाहती हैं क्योंकि ये मुसलमान विरोधी, दलित विरोधी और पिछड़ा विरोधी हैं.

संबंधित समाचार