लड़ाई की झूठी रिपोर्ट से हंगामा

फ़ाइल तस्वीरें
Image caption रूसी टैंक डे़ढ़ साल पहले जॉर्जियाई राजधानी के 45 किलोमीटर दूर तक पहुँच गए थे

जॉर्जिया में एक टीवी चैनल पर ये झूठी ख़बर चलने के बाद अफ़रातफ़री मच गई कि रूस ने जॉर्जिया की राजधानी पर हमला कर दिया है और देश के राष्ट्रपति की मौत हो गई है.

झूठी रिपोर्ट प्रसारित करनेवाले चैनल - इमेडी नेटवर्क - का कहना है कि उन्होंने ये रिपोर्ट ये दर्शाने के लिए प्रसारित की कि अचानक यदि ऐसी परिस्थिति आती है तो उस समय क्या स्थिति पनप सकती है.

हालाँकि चैनल के मालिक जॉर्ज अर्वेलेड्ज़ ने झूठी रिपोर्ट प्रसारित करने के लिए माफ़ी माँगी है और इस कारण हुई असुविधा पर अफ़सोस प्रकट किया है.

रिपोर्ट से दहशत फ़ैलने का कारण ये था कि इसने लोगों के मन में डेढ़ साल पहले रूस और जॉर्जिया के बीच हुई लड़ाई की काली यादें ताज़ा कर दीं.

ख़बर देखने या इसकी जानकारी मिलने के बाद घबराए लोगों ने मोबाइल फ़ोन पर आपस में संपर्क करना शुरू कर दिया और सड़कों पर निकल पड़े.

जॉर्जिया की राजधानी तिबलिसी में मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार शनिवार शाम को जॉर्जियावासियों को यूँ लगा मानो ड़ेढ़ साल पुराना इतिहास दोहराया जानेवाला है.

पुरानी याद

संवाददाता के अनुसार वर्ष 2008 में जॉर्जिया के अलगाववादी प्रांत दक्षिण ओसेतिया को लेकर छिड़े विवाद के बाद हुई लड़ाई के समय रूसी टैंक जॉर्जिया की राजधानी से केवल 45 किलोमीटर दूर तक पहुँच गए थे.

इमेदी टीवी ने अपनी रिपोर्ट में उसी समय की तस्वीरें दिखाईं और साथ ही ये भी दिखाया कि कैसे राष्ट्रपति मिखाइल साकाश्विली की हत्या के बाद विपक्षी नेताओं ने सत्ता हाथ मे ले ली है.

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