न रहा द्वीप न होगा विवाद..

सुंदरवन द्विप
Image caption सुंदरवन के अनेक द्विप पानी में डूब रहे हैं.

भारत और बांग्लादेश के बीच बंगाल की खाड़ी में स्थित न्यू मूर द्वीप पानी में डूब गया है. इस द्वीप को भारत में न्यू मूर या पुर्बाशा कहा जाता है जबकि बांग्लादेश में इसे दक्षिण तलपट्टी के नाम से जाना जाता है.

सालों से दोनों देश इस द्वीप पर अपना दावा करते रहे हैं लेकिन अब जलवायु परिवर्तन ने इस मसले को ख़त्म ही कर दिया है.

कोलकाता स्थित जाधवपुर विश्वविद्यासय के समुद्र विज्ञान विभाग ने उपग्रह से प्राप्त चित्रों के आंकलन के बाद ये बात कही है कि समुद्र तल से दो मीटर ऊपर, साढ़े तीन किलोमीटर लंबा और तीन किलोमीटर चौड़ा ये द्वीप पानी में डूब गया है.

हांलाकि इस द्वीप पर आबादी नहीं थी इसलिए किसी तरह का विस्थापन भी नहीं हुआ.

डूबते हुए द्वीप

समुद्र विज्ञान विभाग के निर्देशक सुगातो हाज़रा ने बीबीसी को बताया, "1990 में पुर्बाशा द्वीप पर पानी का बढ़ना शुरू हुआ और वर्ष 2000 तक आधे से ज़्यादा द्वीप पानी में समा चुका था. जब हमने इस दशक का आंकलन शुरु किया तो पता चला कि उपग्रह से प्राप्त चित्रों से पुर्बाशा द्वीप ग़ायब है."

अब तक के अध्यन से पता चला है कि पिछले 40 साल में सुंदरवन का लगभग 210 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पानी में समा चुका है.

इसके कारणों पर चर्चा करते हुए सुगातो हाज़रा ने इसका दोष पर्यावरण के बढ़ते तापमान को दिया.

विश्वविद्यालय के समुद्र विज्ञान विभाग के अनुमान के अनुसार 2020 तक सुंदरवन डेल्टा में स्थित घोरमाड़ा द्वीप का लगभग 30 प्रतिशत, सागर द्वीप का लगभग 15 प्रतिशत , मौसनी द्वीप का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब चुका होगा. ये वो द्वीप हैं जहां पर आबादी है.

इसका सीधा सा मतलब ये है कि काफ़ी बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित होना होगा. जबकी वीरान पड़े जांबूद्वीप का 34 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब चुका होगा.

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