व्यापार बढ़ाने के लिए बातचीत

कश्मीरी व्यापार
Image caption कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच पिछले 16 महीनों से सीमित व्यापार जारी है

भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बीच व्यापार बढ़ाने के उपायों पर अगले महीने दोनों देशों के प्रतिनिधियों की बातचीत होगी.

उल्लेखनीय है कि कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच पिछले 16 महीनों से सीमित व्यापार जारी है.

जम्मू-कश्मीर के उद्योग और व्यापार मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया ने बीबीसी को बताया, "ये बातचीत 10 अप्रैल को नई दिल्ली में होने की उम्मीद है."

सलाथिया का कहना था कि भारत के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर सरकार के उस प्रस्ताव पर ग़ौर किया जिसमें नियंत्रण रेखा के दो जगहों से सप्ताह में दो बार हो रहे व्यापार को चार बार करने की मांग की गई थी.

सलाथिया के अनुसार भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली में हुई बैठक के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों को नियंत्रण रेखा पर व्यापार से जुड़ी बातचीत के लिए 10 अप्रैल को नई दिल्ली बुलाया है.

वस्तुओं की सूची

राज्य सरकार ने केंद्र को जो प्रस्ताव दिए थे उसके अनुसार व्यापार की अवधि में इज़ाफ़ा के साथ-साथ कश्मीर के दोनों बंटे हुए हिस्से में बैंकिंग और क्रय-विक्रय की वस्तुओं की सूची को और बढ़ाने की मांग की गई थी.

व्यापारियों का कहना है कि कश्मीर के शॉल, क़ालीन और सेब पाकिस्तान में ख़ूब बिकते हैं जबकि पाकिस्तान की वस्तुओं में पेशावरी चप्पल, मसाला, मूंग की दाल और कपड़े की कश्मीर में ख़ूब मांग है. इसलिए 21 वस्तुओं की सूची को बढ़ाकर 36 किया जाए.

ग़ौरतलब है कि मुद्रा के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समझौता नहीं होने की वजह से पिछले 16 महीने के दौरान कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच निवेश नहीं हो सका, केवल वस्तुओं की अदला-बदली हुई है.

उद्योग और व्यापार मंत्रालय का कहना है कि अबतक 72 करोड़ रुपए की वस्तुओं का लेन-देन हुआ.

याद रहे कि वर्ष 2007 के अक्तूबर में भारत और पाकिस्तान ने विश्वास बहाली के क़दम के तौर पर नियंत्रण रेखा पर उत्तर में उड़ी और जम्मू में पुंछ ज़िले के चकनादाबाग़ को व्यापार के लिए खोला था.

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