एक मुख्यमंत्री की पेशी

नरेंद्र मोदी
Image caption नरेंद्र मोदी पर गुजरात में 2002 में हुए दंगों को शह देने का आरोप लगता रहा है.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में 2002 में हुए दंगों के मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए हैं.

नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में एसआईटी के कार्यालय में पहुँच गए हैं. पिछले आठ वर्षों में पहली बार उन्हें दंगों के सिलसिले में किसी तरह की पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

हालाँकि एसआईटी के प्रमुख आरके राघवन वहां मौजूद नहीं है. एसआईटी के एक अन्य सदस्य उनसे पूछताछ करेंगे.

गुजरात सरकार के प्रवक्ता जयनारायण व्यास ने कहा है कि नरेंद्र मोदी हमेशा क़ानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार रहे हैं.

गुलबर्ग सोसाइटी कांड

एसआईटी ने गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड मामले में ज़किया जाफ़री की शिकायत पर मोदी को पूछताछ के लिए बुलाया है. 2002 में हुए दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसाइटी में लोगों ने कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री कई अन्य लोगों के साथ जान से मार दिया था.

इससे पहले मोदी को सलाह दे रहे महेश जेठमलानी ने कहा था कि 27 मार्च की तारीख पर सहमति और इस दिन मोदी एसआईटी के समक्ष पेश हो सकते हैं.

केंद्रीय क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि कोई भी व्यक्ति क़ानून से ऊपर नहीं है और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसी मुख्यमंत्री को दंगे के मामले में पेश होना पड़ रहा है.

इससे पहले ख़बर आई थी कि एसआईटी ने 21 मार्च को मोदी को पूछताछ के लिए बुलाया है लेकिन नरेंद्र मोदी ने जनता के नाम जारी खुली चिट्ठी में कहा था कि ये झूठा प्रचार है और उन्हें 21 तारीख़ को पूछताछ के लिए बुलाए जाने का कोई समन नहीं मिला है.

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