परमाणु हमला करने में सक्षम मिसाइलों का परीक्षण

पृथ्वी मिसाइल
Image caption पृथ्वी परमाणु मुखास्त्र ले जाने में सक्षम है.

भारत ने शनिवार सुबह 500 किलोग्राम तक के परमाणु हथियार ढोने में सक्षम पृथ्वी और धनुष मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है.

दोनों मिसाइलें उड़ीसा के चांदीपुर प्रक्षेपण रेंज से दागी गईं.

पृथ्वी-2 सतह से सतह पर मार करने वाला बैलिस्टिक मिसाइल है और यह 295 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है.

अधिकारियों ने बताया कि पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण मोबाइल लॉंचर के ज़रिए आईटीआर कम्प्लेक्स नंबर तीन से सुबह पाँच बज कर 48 मिनट पर किया गया.

पृथ्वी रेंज की मिसाइलें भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित की है और भारतीय सेना में इसे शामिल किया जा चुका है.

इसके बावजूद पृथ्वी का परीक्षण समय-समय पर प्रयोगिक क्षमता जाँचने के लिए किया जाता है.

एकीकृत प्रक्षेपास्त्र विकास योजना के तहत स्वदेशी तकनीक से विकसित यह पहली मिसाइल है.

पृथ्वी के ज़रिए 500 किलोग्राम तक के बम गिराए जा सकते हैं और यह द्रवित इंजन से संचालित होती है.

नौ मीटर लंबी और एक मीटर चौड़ी यह मिसाइल सटीक निशाना लगाने में सक्षम है.

परीक्षण के दौरान इसने बंगाल की खाड़ी में स्थित लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया.

धनुष का प्रक्षेपण

पृथ्वी के परीक्षण से ठीक पहले नौसैनिक जहाज़ से धनुष मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया.

इसे नौसेना के इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है और यह 350 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्य को भेद सकती है.

इसे पुरी के पास नौसैनिक पोत आईएनएस सुभद्रा से प्रक्षेपित किया गया. सुबह पाँच बज कर 44 मिनट पर इसका प्रक्षेपण हुआ और इसने भी लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा.

इसे पृथ्वी मिसाइल का ही दूसरा रुप कहा जाता है जो सिर्फ़ नौसेना के लिए बनी है. इसकी लंबाई दस मीटर और चौड़ाई एक मीटर है और यह भी 500 किलोग्राम तक के हथियार ढो सकती है.

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