सांप्रदायिक हिंसा की आग फैली

हैदराबाद में गश्त
Image caption हैदराबाद में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 86 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के पुराने शहर से भड़की सांप्रदायिक हिंसा की आग कई नए इलाक़ों में भी फैल गई है. इनमें मुग़लपुरा, हरी बावली, कुर्मागुड़ा और याकूतपुरा के इलाक़े शामिल हैं.

इन सभी इलाक़ों में शाम सात बजे के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है.

कुर्मागुड़ा में चार घरों को गिरा दिया है. इन इलाक़ों में हुई हिंसा में 10 लोग घायल हुए हैं. इनमें तीन ऐसे छात्र हैं, जो एसएससी की वार्षिक परीक्षा देकर लौट रहे थे.

सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 75 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने इस सिलसिले में 110 को गिरफ़्तार किया है. केंद्र लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री के रोसैया के मुताबिक़ केंद्र सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों की 17 अतिरिक्त कंपनियाँ हैदराबाद भिजवा रही है.

हैदराबाद के पुराने शहर में चारमीनार से फ़लक पैलेस को जाने वाली सड़क फ़लकनुमा रोड पर काफ़ी तनावपूर्ण स्थिति है. पूरा मार्ग रणभूमि में बदल गया है. इस रास्ते पर भीड़ जमा है, जो आने-जाने वाले लोगों पर हमला कर रही है. पुलिस इन लोगों को खदेड़ने में नाकाम रही है.

इस बीच हैदराबाद में तूफ़ानी बारिश भी शुरू हो गई है. इसके बावजूद हिंसा जारी है.

रविवार को हुई हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बाद तनावपूर्ण शांति बनी थी लेकिन वह अचानक उस वक़्त ख़त्म हो गई जब एसएससी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा दे कर लौट रहे एक साइकिल सवार पर हमला कर दिया गया.

इसके बाद फिर हिंसा भड़क उठी, दोनों संप्रदाय के लोग अपने अपने मोहल्लों में जमा हो गए हैं.

पहले तो राज्य पुलिस बस मूक दर्शक ही बनी रही लेकिन अर्धसैनिक बलों के आने के बाद उन्होंने भीड़ को तितिर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज की और आंसू गैस के गोल छोड़े.

पूरे इलाक़े में निषेधाज्ञा लागू है. लेकिन हालात कर्फ़्यू जैसे हैं. हालांकि रात में हिंसा की छिटपुट घटनाएं होती रहीं. गुज़रती हुई गाड़ियों पर हमले किए गए.

गृह मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी ने घटनास्थल का सुबह दौरा किया और कहा कि स्थिति नियंत्रण में हैं. उनका कहना था, ''स्थिति नियंत्रण में है लेकिन हम राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हैं ताकि शांति बहाल हो सके.''

आरोप-प्रत्यारोप

Image caption हैदराबाद सांप्रदायिक मामलों में काफ़ी संवेदनशील शहर रहा है.

उधर इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने मजलिसे-इत्तेहादुल-मुसलमीन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लोगों को भड़काया और सरकार तमाशाई बनी रही.

मजलिस ने इसके लिए भाजपा को दोषी ठहराया है और कहा है कि लोगों को भड़काने का काम भाजपा ने किया है. भाजपा नेता उस इलाक़े में जाना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें उस इलाक़े में जाने की इजाज़त नहीं दी.

मंगलवार को राज्य में हनुमान जयंती मनाई जाएगी और इस मौक़े पर जुलूस निकाला जाता है.

राज्य सरकार ने कहा है कि हनुमान जयंती तो मनाई जाएगी लेकिन जुलूस निकालने की अनुमति उसी स्थिति में दी जाएगी जब तक उन्हें जुलूस निकालने वालों की ओर से शांति बनाए रखने की गारंटी नहीं दी जाती.

इस दौरान विधानसभा में इस पर आवाज़ उठाई गई और मुख्यमंत्री ने शांति की बहाली में सारे दलों से सहयोग की अपील की है.

पुलिस आयुक्त एके ख़ान ने कहा था कि इसके पीछे सोची समझी साज़िश है और सब कुछ योजनाबद्ध तरीक़े से हुआ है.

राज्य विधानसभा में विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी ने मांग की है कि पुलिस आयुक्त बताएं कि इसके पीछे किसका हाथ है. पुराने हैदराबाद शहर में पांच मस्जिदों पर हमला हुआ था और एक गौशाला को जला दिया गया था.

शहर के कई इलाक़ों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं.

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