सोनिया फिर बनीं एनएसी की अध्यक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक बार फिर राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है.

लाभ के पद पर हुए विवाद के चलते चार साल पहले सोनिया गांधी ने इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

कथित तौर पर 'लाभ के पद' पर बैठे तत्कालीन 44 सांसदों के ख़िलाफ़ शिकायतें आई थीं जिसमें सोनिया गाँधी, कर्ण सिंह से लेकर सोमनाथ चटर्जी तक कई नाम शामिल थे.

उस समय सोनिया गांधी ने लोकसभा की सदस्यता और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़े की घोषणा कर भारतीय राजनीति में भूचाल मचा दिया था.

हालांकि बाद में 2006 में ही सोनिया गांधी राय बरेली से फिर से लोक सभा के लिए चुनी गई थीं.

एनएसी का गठन

2006 में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि लाभ के पद को लेकर सोनिया ने नियम का उल्लंघन किया है जिसके तहत सांसद ऐसे पदों पर बने नहीं रह सकते जहाँ उन्हें वेतन मिलता हो.

बाद में यूपीए सरकार ने ऐसा बिल पेश किया था जिसमें 56 पदों को लाभ के पद से बाहर रखा गया था जिसमें एनएसी अध्यक्ष पद भी शामिल था. विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद में ये बिल मई 2006 में पारित हो गया था.

पीटीआई के मुताबिक एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया है कि यूपीए गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी को अब कैबिनेट का दर्जा मिलेगा.

सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों का नामांकन सोनिया गांधी करेंगी और सदस्यों का कार्यकाल एक साल का होगा जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता है.

एनएसी का गठन 2004 में किया गया था जब यूपीए सरकार पहली बार सत्ता में आई थी.

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