हैदराबाद में शांति लौटी, कर्फ़्यू में ढील

हैदराबाद हिंसा
Image caption हैदराबाद में अब तक की हिंसा में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं

चार दिनों की सांप्रदायिक हिंसा के बाद हैदराबाद नगर में बुधवार का दिन शांतिपूर्ण ढंग से गुज़र गया और अब तक किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला हैं.

पुलिस आयुक्त एके ख़ान ने बताया कि स्थिति में सुधार को देखते हुए गुरुवार की सुबह कर्फ़्यू में दो घंटे की ढील दी जा रही है.

ग़ौरतलब है कि शनिवार की रात हिंदू और मुस्लिम गुटों के बीच झड़पों के बाद पुलिस ने पुराने शहर के 17 पुलिस थानों में कर्फ़्यू लगा दिया था.

मंगलवार को नए शहर के कई इलाक़ों में हिंसा भड़कने के बाद वहां भी चार अतिरिक्त पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगाना पड़ा था.

हैदराबाद की सांप्रदायिक हिंसा में अब में दो व्यक्तियों की जान जा चुकी है और सौ से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि 190 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 67 लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

कड़े क़दम के निर्देश

मुख्यमंत्री रोसैया ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा के बाद कहा कि आम लोग शांति और सदभाव चाहते हैं लेकिन कुछ शरारती तत्व गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है.

उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह पुराने शहर की स्थिति पर कड़ी नज़र रखे और गड़बड़ी फैलाने की किसी भी कोशिश को सख्ती से निपटा जाए.

इधर पुलिस ने शहर के सार्वजनिक स्थलों से विभिन्न समुदायों के धार्मिक झंडों को हटाने का काम शुरू कर दिया है.

पुलिस आयुक्त एके ख़ान ने कहा कि ये ही झंडे विवाद का कारण बने थे और उन्हें हटाया जा रहा है.

पुलिस ने कहा है कि कुछ लोग एसएसएस से अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और उन्हें तीन वर्ष तक की जेल की सज़ा हो सकती है.

इधर कर्फ़्यू के कारण आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.

लोगों का कहना है कि उन्हें बच्चों के लिए दूध और रोगियों के लिए दवाएं भी नहीं मिल रही हैं.

कुछ लोग अवसर का लाभ उठाते हुए दूध 50 रुपये प्रति लिटर के हिसाब से बेच रहे हैं.

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