चीन के साथ संबंध मज़बूत

शिवशंकर मेनन
Image caption राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मेनन चीन में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं.

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीन के साथ मिलकर काम करने से द्विपक्षीय संबध और मज़बूत होंगे.

चीन और भारत के संबंधों को साठ साल हो गए हैं और इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने साफ़ किया कि अगर दोनों देश मिलकर महत्वाकांक्षी एजेंडों को हासिल करने की कोशिश करें तो द्विपक्षीय संबंध और मज़बूत होंगे.

चीन में भारत के राजदूत रह चुके मेनन का कहा था, ‘‘जब अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में इतनी अधिक अनिश्चितता है तो भारत या चीन कोई भी एक दूसरे की नीतिगत प्रक्रिया और दिक्कतों की कम समझ या नीतियों की ख़राब समझ गवारा नहीं कर सकते.’’

मेनन ने ज़ोर देकर कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में जनता की राय अहम होती है और विदेश नीति इससे जुड़ी भी होती है.

उनका कहना था, ‘‘अगर जनता को जानकारी मिले और तब एक बेहतरीन राय बने तभी भारत और चीन एक महत्वाकांक्षी एजेंडे की तरफ बढ़ सकेंगें. मौकों का फ़ायदा उठा सकेंगे और 21वीं सदी में दोनों देशों के संबंध मज़बूत हो सकेंगे.’’

मेनन इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स के एक सेमिनार में भारत चीन संबंधों के साठ वर्ष पर बोल रहे थे.

इसी अवसर पर भारत में चीन के राजदूत चांग यान ने कहा कि दोनों देशों को अपनी जनता की राय बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए.

उनका कहना था, ‘‘जनता की राय संबंधों को बढ़ाने में अहम होती है. दोनों ही देशों को जनता को सही निर्देश देने चाहिए ताकि वाकयुद्ध जैसी स्थिति न बने.’’

उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों को दोस्ताना और पारस्परिक विश्वास का माहौल बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

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