रणनीतिक चूक के कारण घटना हुई: चिदंबरम

Image caption हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है.

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों की रणनीतिक चूक के कारण माओवादी हमले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

मंगलवार सुबह दंतेवाड़ा के जंगलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों यानी सीआरपीएफ़ और राज्य पुलिस के गश्ती दलों पर माओवादियों ने घात लगाकर हमले किए जिनमें कम से कम 72 जवान मारे गए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री ने इस घटना पर कहा, "छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मिल कर माओवादियों के ख़िलाफ़ साझा अभियान तैयार किया था. लेकिन मुझे लगता है कि रणनीति में चूक हो गई और वे माओवादियों के जाल में फँस गए."

उन्होंने मृतकों की संख्या पर कहा, "मरने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा है. ये नक्सलियों की क्रूरता दर्शाता है. मुझे इस घटना से काफ़ी दुख हुआ है."

चिदंबरम ने मारे गए जवानों के परिवार वालों के प्रति सहानुभूति जताई और अपनी संवेदना व्यक्त की है.

गृह मंत्री ने कहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया है और वे वहाँ पहुँच कर रिपोर्ट देंगे.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल ही गृह मंत्री की पहल पर नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ मिल कर व्यापक अभियान छेड़ने की शुरुआत हुई थी जिसे 'ग्रीन हंट' भी कहा जाता है.

ये अभियान शुरु से ही विवादों में रहा और पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुख्यमंत्री ने सीधी कार्रवाई को अनुचित बताया था.

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