बहस नहीं, निर्णायक लड़ाई का समय: भाजपा

माओवादी
Image caption भाजपा ने कहा कि ये बहस का समय नहीं बल्कि निर्णायक कार्रवाई का समय है

छत्तीसगढ़ में हुए माओवादी हमले में 72 जवानों के मारे जाने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

जहाँ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राजीव प्रताव रूडी ने इसे निर्णायक लड़ाई का समय बताया है, वहीं छत्तीसगढ़ के भाजपा मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि माओवादी शांति नहीं चाहते. उधर केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इसे सुरक्षाकर्मियों की रणनीतिक चूक बताया है.

'निर्णायक लड़ाई का समय'

भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताव रूडी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "ये निर्णायक लड़ाई का समय है. भाजपा उन सभी क़दमों का समर्थन करेगी जो केंद्र या राज्य सरकारें उठाना चाहती हैं....यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है."

उनका कहना था, "माओवादियों को नेस्तनाबूत करने के लिए जो भी क़दम उठाए जाएँगे, हम उनका समर्थन करेंगे. देश के लगभग 250 ज़िले प्रभावित हैं और यह देश के सामने सबसे अहम मुद्दा है."

भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि यह समय बहस या विचार-विमर्श का नहीं है. साथ ही उनका कहना था, "ये कोई छोटा-मोटा हमला नहीं है, बल्कि भारत के ख़िलाफ़ युद्ध है."

उधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना था कि कभी शांति और सरकार से वार्ता की बात करने वाले नक्सलियों ने इस हमले से साबित कर दिया है वो शांति नहीं चाहते हैं.

घटना के बाद रमन सिंह ने कहा, " ये हमला दुखद है और हम इसकी निंदा करते हैं. इस समय सबसे अहम चीज़ सुरक्षाबलों के मनोबल बढ़ाने की ज़रूरत है."

मुख्यमंत्री का कहना था कि हमला बहुत ही सुनियोजित था और सरकार को अपनी कार्रवाई में समन्वय की ज़रूरत है.

'रणनीति में चूक'

भारत के केंद्रीय गृह मंत्री ने इस घटना पर कहा, "छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मिल कर माओवादियों के ख़िलाफ़ साझा अभियान तैयार किया था."

उनका कहना था, "मुझे लगता है कि रणनीति में चूक हो गई और अर्धसैनिक बल माओवादियों के जाल में फँस गए."

पी चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मरने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा है. ये नक्सलियों की क्रूरता दर्शाता है. मुझे इस घटना से काफ़ी दुख हुआ है."

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