गूजरों का 'रास्ता रोको' अभियान शुरू

गूजर आंदोलन (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption गूजर अपने समुदाय के लिए आरक्षण की माँग को लेकर दो साल से आंदोलनरत हैं.

राजस्थान में सरकार और गूजर नेताओं के बीच वार्ता विफल हो जाने के बाद आंदोलनरत गूजरों ने राज्य में चक्का जाम और रास्ता रोको का आह्वान किया है.

गूजर नेताओं के आह्वान पर इस समुदाय के लोग पूर्वी राजस्थान के करौली ज़िले में जमा होने लगे हैं.

गूजर अपने समुदाय के लिए राज्य सरकार की नौकरियों में पाँच फ़ीसदी आरक्षण की माँग को लेकर पिछले दो साल से आंदोलनरत हैं.

अब तक गूजर समुदाय के लोग हिंडौन में पड़ाव डाले बैठे थे.

इस बीच गूजर समुदाय के लोग बड़ी संख्या में दौसा ज़िले में जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ रहे हैं.

राज्य सरकार ने स्थिति को देखते हुए इन इलाक़ों में सुरक्षा बढ़ा दी है.

वार्ता विफल

सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने गूजर नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हो सका था.

सरकार का कहना था कि फ़िलहाल गूजर समुदाय के आरक्षण का मामला हाई कोर्ट में लंबित है, ऐसे में उसके हाथ बंधे हुए हैं.

हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि वो अब भी गूजर नेताओं से बातचीत के लिए तैयार है.

गूजर नेताओं ने 23 मार्च से आरक्षण की अपनी मांग को लेकर फिर से आंदोलन शुरू किया है.

राजस्थान ने हाल के वर्षो में दो बड़े गूजर आंदोलन देखे हैं. इनमें कोई 70 लोग मारे गए थे और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाया गया था.

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