राहुल और मायावती की लड़ाई तीखी हुई

राहुल गांधी (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption माना जाता है कि राहुल गांधी राज्य में कांग्रेस के जनाधार बढ़ाने की कोशिश में हैं

भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी के सबसे मज़बूत गढ़ अंबेडकर नगर में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच जारी जंग तीखी हो चली है.

बुधवार को अंबेडकर जयंती के मौक़े पर अंबेडकर नगर में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी की अलग-अलग रैलियां हुईं.

कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी ने अंबेडकर जयंती के मौक़े पर आयोजित रैली में राज्य सरकार पर सीधे हमला करते हुए कहा कि केंद्र से करोड़ों रुपए राज्य में आ रहे हैं, लेकिन ग़रीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है.

जबकि मायावती ने कहा है कि वे दलित महापुरुषों के नाम पर पार्क और मेमोरियल बनाने का काम जारी रखेंगी.

टीकाकारों की राय में दोनों पार्टियां राज्य में दलित वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए एक दूसरे पर हमला कर रही हैं.

'राज्य पिछड़ गया'

राहुल गांधी ने कहा, "देश का भविष्य गांव और ग़रीबों के हाथ में है, केंद्र से राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना के तहत करोड़ों रुपए आ रहे हैं, जिससे दलितों और ग़रीबों को फ़ायदा होता है, लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में ठीक से काम नहीं कर रही है."

उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "अगर सरकार सचमुच ग़रीबों की हितैषी है तो उसे सबसे पहले बच्चों के शिक्षा का इंतेज़ाम करना चाहिए और मज़दूरों के पलायन को रोकना चाहिए."

राहुल ने धर्म और जाति की राजनीति पर भी हमला बोला और कहा कि इस राजनीति के कारण उत्तर प्रदेश दूसरे राज्यों के मुक़ाबले में पिछड़ गया है, हालांकि उनका ये भी कहना था कि राज्य में धर्म और जाति की राजनीति विफल हो चुकी है.

इस मौक़े पर राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं की दस टोलियों को भी रवाना किया. कांग्रेस की इस यात्रा के दौरान नेता प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर माया सरकार के खिलाफ़ अभियान चलाएंगे. इस रैली कांग्रेस के अनेक बड़े नेता मौजूद थे.

कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी को अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से रोका गया है जबकि प्रशासन का कहना है कि राहुल को रोका नहीं गया है बल्कि ये बात कही गई है कि बहुजन समाज पार्टी के माल्यार्पण के बाद उन्हें मौक़ा दिया जाएगा.

मायावती

उधर मूर्तीयों के निर्माण को लेकर आलोचना झेल रही उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी आगे भी दलित महापुरुषों के नाम पर पार्क और मेमोरियल का निर्माण करती रहेगी.

उनका कहना था, "हम दलित और पिछड़ी जातियों के महापुरुषों के नाम पर पार्क और मेमोरियल इसलिए बनाते रहे हैं, ताकि उन्हें उनका जायज़ सम्मान दिया जा सके."

मायावती ने आरोप लगाया कि भारत में सदियों से दलित महापुरुषों की उपेक्षा होती रही है.

अंबेडकर जयंती पर बहुजन समाज पार्टी राज्य भर में महंगाई और महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार के विरोध में धरने और रैलियों का आयोजन कर रही है.

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