तूफ़ान में सौ लोगों की मौत

आंधी तूफान ( फाइल फोटो)
Image caption बंगाल और बिहार के इस इलाक़े में अक्सर तूफ़ान आते रहते हैं.

भारत और बांग्लादेश सीमा पर आए भयंकर आंधी-तूफ़ान में कम से कम सौ लोग मारे गए हैं.

इस आंधी-तूफ़ान ने पश्चिम बंगाल और बिहार के कई ज़िलों को बुरी तरह प्रभावित किया है और सबसे अधिक मौतें इन्हीं इलाक़ों में हुई हैं.

आंधी से बांग्लादेश के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए हैं.

पटना से बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर ने बताया है कि बंगाल से सटे बिहार के चार ज़िले अररिया, पूर्णिया, किशनगंज़ और सुपौल में भारी तबाही मची है और आधिकारिक सूचना के अनुसार 70 लोगों की मौत हुई है. बिहार सरकार ने मरने वालों के परिजनों को मुआवाज़ा देने की घोषणा की है.

उधर पश्चिम बंगाल से बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने ख़बर दी है कि बंगाल के रायगंज, इस्लामपुर, करनदीघी, कालियागंज और हेमटाबाद में आंधी का बुरा असर पडा है.

इन इलाक़ों से अभी तक मरने वालों की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है और यह संख्या बढ़ सकती है.

मंगलवार की देर रात आई इस आंधी के बाद ज़बर्दस्त बारिश हुई जिसमें कई मकान नष्ट हो गए.

बंगाल का उत्तरी दिनाजपुर इलाक़ा बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राज्य के नागरिक रक्षा मंत्रि श्रीकुमार मुखर्जी उस इलाके़ में पहुंचे हैं. इलाक़े के अधिकतर हिस्सों में बिजली नहीं है.

अधिकारियों के अनुसार आंधी में बांग्लादेश के रंगपुर में दो मौते हुई हैं.

बिहार में क्षति

Image caption बांग्लादेश में तूफ़ान से हर साल तबाही होती है.

बिहार में सबसे ज़्यादा क्षति पूर्णियां सदर, वायसी, अररिया और जोकीहाट इलाक़े में हुई है.

बारिश के साथ काफी तेज़ गति वाला यह बवंडर इतना विकराल रूप लिए हुए था कि आधे घंटे के भीतर हजारों-हज़ार झोपड़ियां, कच्चे मकान, पेड़-पौधे,बिजली और टेलीफोन के खम्भे तहस-नहस हो गए.

अररिया जेल की एक दीवार भी इस तूफ़ान में गिरकर ध्वस्त हो गई. वहाँ के लगभग साढ़े चार सौ कैदियों को पूर्णियां जेल में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है.

अररिया के प्रभारी जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक सुधांशु ने कहा कि उनके ज़िले में इस आंधी से 33 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है.

उधर पूर्णियां के जिलाधिकारी डॉ सरवन कुमार ने बीबीसी को टेलीफोन पर बतया कि इस जिले में मंगलवार रात की आंधी से कम-से-कम 30 लोगों की मौत हुई है.

किशनगंज जिले के जिलाधिकारी एन डी फ़िराक का कहना है कि वहाँ एक पंचायत 'पिछला' में तूफ़ान से एक आदमी की जान गई और सैकड़ों कच्चे मकान तबाह हो गए.

इस तरह सुपौल में भी एक की मौत हो गई है.

पूर्वोत्तर बिहार में हाहाकार मचाने वाले इस भयंकर तूफ़ान ने आम के टिकोले और खेत-खलिहान में रखे गेहूं की पकी फसल को भी भारी नुकसान पहुँचाया है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मरने वालों के परिजनों को डेढ़ लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

संबंधित समाचार