आईपीएल मामले में देश भर में छापे

Image caption मोदी ने इस्तीफ़ा देने से इंकार किया है.

आयकर विभाग ने इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़े वित्तीय लेन देन की जांच पड़ताल के लिए देश भर में छापे मारे हैं.

जांच पड़ताल की चपेट में आईपीएल की टीमों के दफ़्तर, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां और प्रसारण करने वाली संस्थाएं भी आईं.

कुल आठ शहरों में ये जांच पड़ताल की गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग, डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन के दफ़्तरों पर भी धावा बोला गया.

आईपीएल का प्रसारण करने वाली कंपनी मल्टीस्क्रीन मीडिया के दफ्तर को भी निशाना बनाया गया.

कोलकाता से बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने बताया है कि कोलकाता नाइट राइडर्स के अलावा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के ऑफिस पर भी छापे मारे गए हैं.

आयकर अधिकारियों का कहना है कि केकेआर टीम में ललित मोदी के कुछ संबंधियों के शेयर होने के आरोपों की जांच के तहत केकेआर के कार्यालय पर छापे मारे गए हैं.

पश्चिम बंगाल सरकार ने केकेआर पर ‘भारी वित्तीय गड़बड़ी’ का आरोप लगाया है.

बंगाल के खेल मंत्री कांति गांगुली ने केंद्र सरकार से अपील की है कि आईपीएल को खेल की श्रेणी से हटाकर मनोरंजन की श्रेणी में रख जाए और उस पर टैक्स लगाया जाए.

मुंबई में छापे

आयकर विभाग ने मुंबई में आईपीएल लीग से जुड़ी कंपनियों के दफ़्तरों की तलाशी ली है.

आईपीएल का प्रसारण करने वाली कंपनी मल्टीस्क्रीन मीडिया पर आरोप है कि उसने मार्केटिंग एजेंसी वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप को फ़ेसिलिटेशन फ़ीस दी थी.

आयकर विभाग की तलाशी मल्टीस्क्रीन मीडिया (पूर्व में सोनी इंटरटेनमेंट टेलीविज़न) के मलाड स्थित दफ़्तर पर हुई. साथ ही वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप, इंटरनेशनल मैनेजमेंट ग्रुप, और वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप प्रमुख वेणु नायर के बांद्रा वाले घर की भी तलाशी हुई.

उधर आईपीएल पर चल रही गहमागहमी तेज़ हो गई है. बीसीसीआई के मीडिया और फ़ाईनेंस कमेटी चेयरमैन राजीव शुक्ला ने इस विषय पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की है लेकिन बातचीत का ब्योपा अभी नहीं मिल पाया है.

एक तरफ़ आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी अपने पद को छोड़ने से इंकार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर बीसीसीआई के पदाधिकारी कड़ी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका कहना है कि वो बीसीसीआई की छवि को बचाने के लिए कड़े फ़ैसले लेने से नहीं हिचकेंगे.

बीसीसीआई पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं और इससे इसकी छवि को नुकसान पहुँचा है.

पत्रकारों से बात करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कोई व्यक्ति अपने पद को छोड़ना चाहता है या नहीं, इससे फ़र्क नहीं पड़ता है.

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