सज़ा दिए जाने पर कश्मीर बंद

कश्मीर में हड़ताल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption कश्मीर में हड़ताल के कारण आम जन जीवन अस्त व्यस्त है और सड़कें वीरान हैं.

दिल्ली के लाजपत नगर बाज़ार धमाके में तीन दोषियों को सज़ा-ए-मौत और एक को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाए जाने के विरोध में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को हड़ताल है और कई स्थानों पर रुक-रुक कर प्रदर्शन हो रहे हैं.

हड़ताल की वजह से घाटी के अधिकतर इलाक़ों में आम जनजीवन अस्त व्यस्त है, दुकानें बंद हैं और यातायात बुरी तरह बाधित है. सरकारी और ग़ैर सरकारी दफ़्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी प्रभाव पड़ा है.

गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत ने 14 साल पहले शहर के एक भीड़भाड़ वाले लाजपत नगर बाज़ार धमाके के मामले में तीन दोषियों को फांसी और एक को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.

वर्ष 1996 में हुए इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 38 लोग घायल हुए थे. सभी दोषियों का संबंध कथित रुप से चरमपंथी संगठन जम्मू-कश्मीर इस्लामिक फ़्रंट से था.

विरोध

पुलिस ने भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनज़र श्रीनगर और इसके आसपास के अधिकतर इलाकों में अघोषित कर्फ़्यू लगा रखा है.

श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने जानकारी दी है कि श्रीनगर से सटे नौशेरा में भारत विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोली से एक व्यक्ति घायल हो गया है, उन्हें पेट में गोली लगी है.

पुलिस ने श्रीनगर के बसंतबाग़ के साथ-साथ सोपोर और बारामुला में प्रदर्शनकारियों को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.

कर्फ़्यू जैसी स्थिति और पुलिस की भारी रुकावटों के कारण श्रीगनर के ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शुक्रवार की नामज़ अदा नहीं की जा सकी है.

इस मस्जिद में हर जुमे को ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ़्रेंस के अध्यक्ष मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ नमाज़ियों के बीच प्रवचन देते हैं, लेकिन वो मस्जिद नहीं आ सके क्योंकि पुलिस उन्हें सुबह से ही उनके घर पर नज़रबंद कर रखी है.

कुछ आम कश्मीरियों और अलगावादी नेताओं की सोच है कि जिन लोगों को इस धमाके के मामले में सज़ा दी गई है उन्हें ग़लत ढंग से फंसाया गया था.

श्रीनगर में एक दुकानदार ने अपनी पहचान न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, "प्रत्येक कश्मीरी को आतंकवादी माना जाता है और अदालतें उन्हें फांसी देने के लिए उत्सुक है. वर्ष 2002 में गुजरात नरसंहार को अंजाम देने वालों को अब तक सज़ा नहीं दी गई है."

ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ़्रेंस (उदारवादी गुट) के अध्यक्ष मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ के अनुसार लाजपत नगर धमाके के मामले में दोषियों को बहुत कठोर सज़ा दी गई है.

कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल क़य्यूम ने आरोप लगाया कि अभियुक्तों को निष्पक्ष सुनवाई का मौक़ा नहीं दिया गया.

बंद का आह्वान हुर्रियत कांफ़्रेंस के दोनों गुटों ने किया है.

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