'सरकार ने नहीं शुरू किया चौरासी का दंगा'

नितिन गडकरी
Image caption गुजरात दंगों के ज़िक्र से भड़क उठे गडकरी

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में हुए दंगों के लिए किसी पार्टी की सरकार के सिर पर ठीकरा फोड़ना उचित नहीं.

बीबीसी के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा कि दंगे चाहे गुजरात के हों, मुंबई के या फिर दिल्ली के सिख विरोधी दंगे- ये सभी आम लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण प्रतिक्रिया होती है.

चौरासी के सिख विरोधी दंगों का ज़िक्र करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, "उस दंगे में कुछ लोग ज़रूर शामिल हो सकते हैं, लेकिन मैं कहूँ कि उन दंगों की शुरुआत किसी सरकार ने की, तो वो बात ठीक नहीं होगी."

वोट बैंक की राजनीति

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी जाति, पंथ, धर्म और भाषा के आधार पर राजनीति नहीं करना चाहती.

नितिन गडकरी ने कहा कि अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक का विवाद वोट बैंक राजनीति का हिस्सा है.

उन्होंने कहा, "ये ज़रूर है हम आतंकवादियों और आतंकवाद का समर्थन करने वाले पाकिस्तान की नीतियों के ख़िलाफ़ हैं. हम आईएसआई के ख़िलाफ़ हैं और हम लश्करे तैबा के ख़िलाफ़ और अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हैं."

नितिन गडकरी ने कहा कि अपराधी और आतंकवादी की जाति, धर्म और भाषा नहीं होती.

इंटरव्यू के दौरान गुजरात दंगों का ज़िक्र आने पर भड़के नितिन गडकरी ने कहा, "आज तक हिंदुस्तान के इतिहास में दंगे सिर्फ़ गुजरात में ही हुए हैं क्या. उससे बड़े दंगे मुंबई में हुए. उस पर दाग़ क्यों नहीं लगा. वहाँ के मुख्यमंत्री पर एसआईटी क्यों नहीं बैठी."

नितिन गडकरी ने स्वीकार किया कि गुजरात के दंगे दुर्भाग्यपूर्ण थे.

उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग है, जो बार-बार पार्टी के बारे में ग़लत लिखता और ग़लत बोलता है.

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