फ़ोन टैपिंग पर प्रधानमंत्री से बयान की माँग

लालकृष्ण आडवाणी
Image caption लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि ये उन्हें आपातकाल की याद दिलाता है

विभिन्न नेताओं के कथित फ़ोन टैपिंग पर सोमवार को संसद में हंगामा होने के आसार हैं. विपक्ष इस मसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान चाहता है.

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में सोमवार को प्रश्नकाल निलंबित करने और इस मुद्दे पर बहस कराने की माँग की है. साथ ही मामला संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को सौंपने को भी कहा है.

उल्लेखनीय है कि हाल ही साप्ताहिक पत्रिका ऑउटलुक ने दावा किया था कि पिछले तीन वर्षों के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत के फ़ोन टैप कराए गए.

भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने रविवार को कहा कि ऐसा नज़र आता है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार इस महत्वपूर्ण घोटाले को छिपा रहा है.

भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि उनकी पार्टी सोमवार को संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल निलंबन के लिए दबाव डालेगी और फ़ोन टैपिंग मुद्दे की जांच के लिए सरकार से संयुक्त संसदीय समिति गठित करने को कहेगी. भाजपा के अलावा वामपंथी दल, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, जनता दल-यू भी इस मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं.

केंद्र संसद विपक्ष के वित्त विधेयक में कटौती प्रस्तावों के कारण पहले से ही परेशानी में है.ऐसे में फ़ोन टैपिंग ने सरकार की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं.

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने तो अपने ब्लॉग पर लिखा है कि फो़न टैपिंग कराने की बात उन्हें आपातकाल की याद दिलाती है.

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