विकिरण प्रभावित व्यक्ति की मौत

विकिरण का प्रतीक
Image caption कबाड़ में रेडियोधर्मी पदार्थ मिलने पर गंभीर चिंता जताई गई है

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विकिरण से प्रभावित एक व्यक्ति की सोमवार देर रात मौत हो गई.

एम्स के एक डॉक्टर ने समाचार एजेंसियों को बताया कि विकिरण से प्रभावित 35 वर्षीय राजेंद्र की मौत कई अंगों के काम बंद कर देने के कारण हुई.

राजेंद्र नई दिल्ली के मायापुरी स्थित कबाड़ बाज़ार की एक दुकान में एस महीने की आठ तारीख को हुए कोबाल्ट-60 के विकिरण के प्रभाव में आ गए थे.

इसके बाद उन्हें दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहाँ से उन्हें 13 अप्रैल को एम्स भेज दिया गया था.

मायापुरी में आठ अप्रैल को कोबाल्ट-60 से फैले विकिरण के प्रभाव में आठ लोग आए थे. राजेंद्र पहले व्यक्ति हैं जिनकी इससे मौत हुई है.

असर

एम्स के एक डॉक्टर ने बताया, ''कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनकी सोमवार रात क़रीब साढ़े नौ बजे मौत हो गई.''

डॉक्टर ने बताया, ''उनकी हालत काफी बिगड़ गई थी. उनका टीएलसी काउंट और प्लेटलेट्स की संख्या भी एकदम से कम हो गई थी और उन्हें निमोनिया हो गया था.''

डॉक्टर के मुताबिक़ राजेंद्र की किडनी और लीवर ने भी काम करना बंद कर दिया था. उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था.

विकिरण के प्रभाव में आए चार अन्य लोगों का अभी भी एम्स में इलाज चल रहा है.

कबाड़ की जिस दुकान में यह विकिरण फैला था उसके मालिक दीपक जैन का दिल्ली के ही अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं विकिरण के प्रभाव में आए अजय जैन का सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है.

विकिरण के प्रभाव में आए आठ व्यक्तियों में से एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है.

कोबाल्ट-60 कोबाल्ट का रेडियोधर्मी समस्थानिक है.इसका उपयोग कैंसर के इलाज में काम आने वाली मशीनों और अन्य चिकित्सीय उपकरणों में किया जाता है.

इस घटना के बाद मुंबई स्थित परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और पता लगाया था कि रेडियोधर्मी पदार्थ कबाड़ में ही था.

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