अब कुत्तों के लिए ब्लड बैंक

कुत्ता
Image caption देश में यह अपनी तरह का पहला ब्लड बैंक है.

अब तक आपने इंसानों के ब्लड बैंक के बारे में ही सुना होगा लेकिन अब दक्षिण भारतीय शहर चेन्नई में कुत्तों के खून का बैंक भी खुल गया है.

देश में यह अपनी तरह का पहला ब्लड बैंक है.

इसकी स्थापना का उद्देश्य मध्यवर्ग के लोगों के कुत्तों के लिए खून जुटाना है जिससे वे दुर्घटना के समय अपने कुत्तों के लिए खून ले सकें.

बढ़ते हादसे

सड़कों पर बढ़ते यातायात और बढ़ते शहरीकरण से देशभर में इस तरह के हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है.

ब्लड बैंक की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कुत्तों के मालिक अपने कुत्तों का कितना खून इसे दान करते हैं.

तमिलनाडु पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति पी थंगराजू कहते हैं, ''यह देश में अपनी तरह का पहला ब्लड बैंक है.''

वे कहते हैं कि कई कुत्तों की केवल इसलिए मौत हो जाती है कि देश में उनके लिए ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं.

पी थंगराजू कहते हैं, ''कुत्ते न केवल सड़क पार करते हुए बल्कि पूरे देश में बनी बहुमंजिली इमारतों के आसपास भी घायल हो जाते हैं.''

उनके मुताबिक खून की उपलब्धता की कमी कुत्तों की मौत का प्रमुख कारण है, खासकर ऐसे समय जब उन्हें ऑपरेशन की ज़रूरत होती है.

व्यावसायिक उपयोग

उन्होंने अपील की कि लोग आगे आएँ और अपने कुत्तों का खून दान करें. थंगराजू यह स्वीकार करते हैं कि संतोषजनक मात्रा में खून जमा होने में अभी कुछ समय लगेगा.

इस ब्लड बैंक को अभी व्यावसायिक बनाने की कोई योजना नहीं है. लेकिन विश्वविद्यालय ने भविष्य में ऐसा करने की योजना बनाई है.

थंगराजू कहते हैं,''यह खून की उपलब्धता पर निर्भर करेगा और खून को बहुत कम कीमत पर बेचा जाएगा.''

उन्होंने बताया कि कुत्तों का खून निकालना और उसे सुरक्षित रखने की तरीका ठीक वैसा ही है जैसा मानव रक्त निकालकर रखा जाता है.

उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दान में मिले खून में किसी तरह का संक्रमण न हो.

थंगराजू के मुताबिक, एक से आठ साल की आयु और 20 किलो के एक सामान्य कुत्ते को रक्तदान के लायक माना जाता है.

एक कुत्ते से एक बार में तीन सौ मिलिमीटर खून लिया जा सकता है.

कोई स्वस्थ कुत्ता एक साल में चार से छह बार तक रक्त दान कर सकता है.

विश्वविद्यालय द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक देश के पुशचिकित्सालयों में हर साल करीब एक लाख पालतू जानवरों का इलाज होता है. इनमें से ज़्यादातर कुत्ते होते हैं.

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