भाजपा समर्थन वापसी पर अडिग

शिबू सोरेन
Image caption शिबू सोरेन लगता नहीं कि इस नए घटनाक्रम से बहुत विचलित हैं

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के नेताओं की एक बैठक के बाद कहा है कि वह शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापसी के अपने फ़ैसले पर अडिग है.

राज्य में गठबंधन सरकार के उपमुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह घोषणा की है.

इससे साफ़ है कि उन्होंने मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की माफ़ी और भाजपा के पक्ष में पद छोड़ने के झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

भाजपा ने बुधवार को शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा की थी.

वह इस बात से नाराज़ है कि बजट पर भाजपा के कटौती प्रस्ताव पर शिबू सोरेन ने यूपीए सरकार के पक्ष में वोट दिया था.

यह कटौती प्रस्ताव गिर गया था.

फ़ैसला

राँची में झारखंड के भाजपा नेताओं और विधायकों की एक बैठक गुरुवार की सुबह हुई. इस बैठक में जनता दल यूनाइटेड की नेता सुधा चौधरी भी मौजूद थीं.

इस बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री रघुवर दास ने पत्रकारों को बताया, "भाजपा शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापसी के अपने फ़ैसले पर अडिग है."

उन्होंने कहा कि राज्य भाजपा के नेता और सोरेन सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बैजनाथ राम दिल्ली में हैं और जैसे ही वे राँची पहुँचेंगे राज्यपाल से समय माँगा जाएगा और उन्हें समर्थन वापसी की चिट्ठी सौंप दी जाएगी.

राज्य में शिबू सोरेन की गठबंधन सरकार भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के समर्थन से ही चल रही है.

अगर भाजपा समर्थन वापस ले लेती है तो शिबू सोरेन की सरकार अल्पमत में आ जाएगी.

अटकलें लगाई जा रही थीं कि कांग्रेस शायद शिबू सोरेन की मदद के लिए सामने आएगी लेकिन कांग्रेस ने इसमें विशेष दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

झारखंड की 81 सदस्यों वाली विधान सभा में भाजपा के 18 , कांग्रेस के 14, झारखंड मुक्ति मोर्चा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, राष्ट्रीय जनता दल के 5, जनता दल यूनाइटेड के दो और अन्य दलों के 13 सदस्य हैं.

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