लोकल हड़ताल: 'एस्मा लग सकता है'

Image caption मुंबई की लोकल ट्रेनों से प्रतिदिन 65 लाख लोग सफर करते हैं

रेलवे के मोटरमेन की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मंगलवार को मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और केवल सीमित सेवाएँ ही चल पा रही हैं.

इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मुंबई में कहा है कि मोटरमेन की ये हड़ताल ग़ैर-क़ानूनी है और अगर ज़रुरत पड़ने पर सरकार हड़ताल करने वालों पर अनिवार्य सेवा अधिनियम यानी 'एस्मा' लगा सकती है. साथ ही चव्हाण ने ये उम्मीद भी जताई कि मंगलवार शाम तक समस्या का समाधान हो जाएगा.

मोटरमेन की हड़ताल का मामला मंगलवार को लोकसभा में भी छाया रहा.

भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के सांसद इस मुद्दे रेल मंत्री के बयान की मांग कह रहे थे.

इस पर उनकी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ झड़प भी हुई और सदन को स्थगित करना पड़ा.

मुंबई की लोकल ट्रेनें वहाँ की ‘जीवन रेखा’ मानी जाती हैं और उन पर बाधा से जनजीवन प्रभावित हो जाता है.

आंदोलनकारी छठे वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहे हैं.

इससे पहले रेलवे प्रशासन और मोटरमेन की यूनियन के बीच रविवार को वार्ता का दौर चला लेकिन वे बेनतीजा रहीं.

इसके बाद पश्चिम और मध्य रेलवे के मोटरमेन हड़ताल पर चले गए.

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे लोकल ट्रेनों के सफ़र से बचें.

अधिकारियों का कहना है कि वे पहले ही अनेक सिफ़ारिशों पर अमल कर चुके हैं, अब वेतनवृद्धि की गुंजाइश नहीं है.

मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुंबई में चलने वाली सरकारी बसों के साथ आने जाने की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है.

ग़ौरतलब है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों से प्रतिदिन लगभग 65 लाख लोग सफ़र करते हैं.

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