निठारी के एक और मामले में कोली दोषी

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Image caption कोली को पहले से ही मौत की सज़ा मिली हुई है

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को निठारी हत्याकांड में अभियुक्त सुरेंद्र कोली को सात वर्षीय आरती की हत्या का दोषी क़रार दिया है.

निठारी हत्याकांड नोएडा के निठारी गांव में घटित एक ऐसी घटना है जिसमें महिलाओं और बच्चों की हत्या और बलात्कार के 19 मामले दर्ज किए गए थे.

आरती की हत्या ऐसा दूसरा मामला है जिसपर फ़ैसला आया है.

सुरेंद्र कोली निठारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त मोहिंद्र सिंह पंधेर के घर में काम करता था.

विशेष अदालत के सेशन और डिस्ट्रिक्ट जज एके सिंह ने कोली को दोषी क़रार दिया लेकिन अभी सज़ा तय नहीं की.

उम्मीद की जा रही है कि बुधवार को इस मामले में सज़ा सुनाई जाएगी.

आरती की हत्या के मामले में 38 वर्षीय कोली अकेला अभियुक्त था.

इससे पहले

निठारी हत्याकांड में सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से जाँच अपने हाथ में लेने के बाद आरती हत्या मामले में 46 गवाहों की 113 बार सुनवाई की.

इससे पहले 13 फ़रवरी 2009 को एक विशेष अदालत ने पंधेर और उसके नौकर कोली को 15 वर्षीय रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या का दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी.

रिम्पा हलदर मामले में सुरेंद्र कोली को बलात्कार की जगह बलात्कार की कोशिश का दोषी ठहाराया गया था.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में पंधेर को बरी कर दिया लेकिन नौकर सुरेंद्र कोली की मौत की सज़ा बरक़रार रखी.

वर्ष 2006 में दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गाँव में बच्चों के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी.

निठारी में 19 लोगों की हत्या का मामला सामने आया था, जिनमें अधिकांश बच्चे थे.

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