खेलों पर राजनेताओं का नियंत्रण क्यों?

बीबीसी हिंदी की विशेष लाइव कमेंटरी. बीबीसी हिंदी की विशेष लाइव कमेंटरी.
यह अपने आप अपडेट होता रहेगा.

ताज़ा पेज देखें

2029 IST: अविनाश भाग लेने वाले सभी श्रोताओं का धन्यवाद करते हैं और कार्यक्रम समाप्त करते है

2027 IST: क़ष्णास्वामी - हर शख्स की खूबी को किसी एक फील्ड में ही इस्तेमाल किया जा सकता है

2021 IST: कृष्णास्वामी – हर खिलाड़ी अच्छा अधिकारी बन सके ये ज़रूरी नहीं

2019 IST: श्रीराम कहते हैं खिलाड़ियों को खेल संघ की कमान देनी चाहिए

2018 IST: अविनाश पूछ रहे हैं कि नेताओं को दूर रखें तो किसे सौंपे खेल की कमान

2017 IST: रियाध से मोहम्मद नसीम – खेल संघों का पैसा ही नेताओं को खींच रहा है

2016 IST: कोटा से बाबूलाल – सुर्खियों में आने के लिए नेता खेल में आते हैं

2014 IST: देवराज – राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सरकार 2-6 लाख रुपए देती है, दिक्कत वहां है

2013 IST: म.प्र. से महेन्द्र – एक व्यक्ति एक पद पर लम्बे समय तक रहेगा तो हिटलर बन जाएगा

2012 IST: नीरज कहते हैं कि नेता खेल में भी भ्रष्टाचार ले आएंगे

2011 IST: केवल भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जहां गैर खिलाड़ी खेल संघ चला रहे हैं

2010 IST: कृष्णास्वामी कहते हैं कि खेलों के लिए बजट कम होना विकास में रोड़ा बनती है

2009 IST: खेल पत्रकार कृष्णास्वामी चर्चा में जुड़ रहे हैं

2008 IST: सरकार को ज़्यादा काम करने की ज़रूरत है

2007 IST: देवराज कहते हैं कि खेलों का स्तर बढ़ाने के लिए सिर्फ खेल संघ ज़िम्मेदार नहीं है

2006 IST: सर्वर कहते हैं कि नेता सिर्फ पैसा कमाने के लिए खेल में आते हैं

2005 IST: अंजू कहती हैं कि नेताओं को विकास कार्य पर ध्यान देना चाहिए

2004 IST: बिकानेर से जहांगीर खान- खेलों के सुधार के लिए इन नेताओं ने कुछ नहीं किया है

2001 IST: आप किसी भी समय हमारे कार्यक्रम में फ़ोन के ज़रिए शामिल हो सकते हैं.

1952 IST: अविनाश दत्त स्टूडियो में आ चुके हैं. हम जल्द ही शुरु करेंगे आपसे बातचीत का सिलसिला.

1947 IST: अगर रेडियो पर होने वाली बहस में आप हिस्सा लेना चाहते हों तो हमें मुफ़्त फ़ोन कीजिए 1800 11 7000 या 1800 102 7001 पर.

1946 IST: खेल संगठनों पर क्यों काबिज रहना चाहते हैं राजनेता? क्या इससे खेलों का कोई भला हो रहा है? अपनी राय दीजिए और बहस में हिस्सा लीजिए.

1945 IST: बीबीसी इंडिया बोल के नए अंक में आपका स्वागत है. इस अंक में चर्चा का विषय है - खेलों पर राजनेताओं का नियंत्रण क्यों?

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.