बलात्कार मामले में दोषियों को सज़ा

बुद्ध
Image caption बोधगया में बड़ी संख्या में जापानी पर्यटक आते हैं.

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल बोधगया में जापानी महिला पर्यटक साची नमूरा के साथ पिछले महीने बलात्कार करने वाले तीन अभियुक्तों को गया की एक अदालत ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

इस मामले के दो मुख्य अभियुक्त अभी भी फ़रार हैं.

गया के ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश जेके सेन ने सोमवार को सज़ा सुनाते हुए कहा कि इस अपराध के लिए निर्धारित कठोरतम दंड इसलिए दिया जा रहा है ताकि ऐसी आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को सबक मिले.

गत 16 अप्रैल को रात में बोधगया से गया रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो-रिक्शा पर सवार जापानी युवती के साथ रास्ते में एक सुनसान जगह पर पांच लोगों ने बलात्कार किया था.

इस अपराध में शामिल ऑटो-रिक्शा चालक और उसके एक साथी मुख्य रूप से शामिल थे. इन दोनों ने ही उस लडकी को गया रेलवे स्टेशन के पास ले जाकर छोड़ दिया था.

पीड़ित लडकी ने जब पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई तो विदेशी महिला पर्यटक से जुड़ा मामला होने के कारण नीतीश सरकार को भारी बदनामी का डर सताने लगा.

यही कारण है कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में फ़ौरी कार्रवाई और "स्पीडी ट्रायल" करा के सज़ा दिलाने में पुलिस महकमे को पूरी ताक़त झोंक देने का सख्त निर्देश दिया.

और ऐसा ही हुआ. एक महीने के भीतर ही चार्जशीट दाखिल करने से लेकर अदालत में सुनवाई पूरी कराने तक पुलिस ने अभूतपूर्व चुस्ती-फुर्ती दिखाई .

लेकिन यहीं एक सवाल उठता है कि राज्य में बलात्कार संबंधी मामलों का जो अम्बार लगा है, उन के दोषियों को सज़ा दिलाने में सरकार या पुलिस की ऐसी तत्परता दूर-दूर तक भी क्यों नहीं दिखाई देती ?