आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ता तूफ़ान

आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रशासन को चौकस कर दिया है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में उठनेवाला शक्तिशाली तूफ़ान 'लैला' तेज़ गति के साथ राज्य के तट की और बढ़ रहा है.

मौसम विभाग और विशाखापत्तनम स्थित तूफ़ान चेतावनी केंद्र के अनुसार मंगलवार की रात ये तूफ़ान विशाखापत्तनम से 520 किलोमीटर दूर दक्षिण पूर्व में केंद्रित था और तेज़ी से बढ़ रहा था.

हालाँकि उन्होंने कहा है कि ये तूफ़ान गुरुवार को विशाखापत्तनम के तट को पार करेगा लेकिन इस तूफ़ान का प्रभाव अभी से महसूस किया जा रहा है.

मंगलवार की शाम आंध्र प्रदेश कई जगहों पर तूफ़ानी हवाएँ चलीं और बिजली की कड़क से साथ भारी बारिश हुई.

इससे कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई जबकि मछली पकड़ने के लिए गए 19 मछुआरे लापता हैं. इनका संबंध पूर्वी गोदावरी, प्रकाशम और नेल्लोर ज़िलों से है.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तूफ़ान के प्रभाव से आंध्र में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगीं और बहुत तेज़ बारिश होगी.

आँधी तूफ़ान से पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ सकते हैं और घरों को भी नुक़सान पहुँच सकता है.

प्रशासन सतर्क

इस गंभीर पूर्वानुमान के मद्देनज़र राज्य के मुख्यमंत्री के रोसैया ने प्रशासन को चौकस कर दिया है और अधिकारियों को आदेश दिया है कि वो जानमाल के नुक़सान को रोकने के लिए हरसंभव क़दम उठाएं. इसमें लोगों को तटीय और निचले इलाक़ों से सुरक्षित स्थानों पर भेजना भी शामिल है.

Image caption हैदराबाद में भारी बारिश हो रही है

कई ज़िलों में अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं.

मछुआरों से कहा गया है कि समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए वो समुद्र में न जाएँ.

इधर राज्य सरकार के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ऑथारिटी और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन की चार कंपनियों को उड़ीसा और तमिलनाडु से तत्काल आंध्र प्रदेश जाने का निर्देश दिया है.

ये विशेष दल अपने साथ रबर की नावें और बचाव के अन्य उपकरण ले जाएगा.

इसके अलावा सेटेलाइट फ़ोन और हैम रेडियो पर आधारित दूरसंचार व्यवस्था भी तैयार की जा रही है.

ये लगातार दूसरा वर्ष है जबकि ऐसे समय तूफ़ान आ रहा है जब मॉनसून आने का समय है.

गत वर्ष इन्हीं दिनों समुद्री तूफ़ान आया था जिसके कारण मॉनसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया रुक गई थी.

अब विशेषज्ञ डर रहे हैं कि कहीं तूफ़ान 'लैला' के कारण मॉनसून पर प्रभाव न पड़े.

संबंधित समाचार